MBMC ने की 60 दिन में 100% ई-ऑफिस लागू, राज्य में तीसरा स्थान, 4 करोड़ की बचत
MBMC E Office Implementation: मीरा-भाईंदर महानगरपालिका (MBMC) ने 60 दिनों में 100% ई-ऑफिस लागू कर राज्य में तीसरा स्थान हासिल किया है, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ी और लगभग 4 करोड़ रुपये की बचत हुई।
- Written By: आंचल लोखंडे
Mira Bhayandar municipal corporation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Mira Bhayandar Municipal Corporation: मीरा- भाईंदर मनपा ने ई-गवर्नेंस (ई-ऑफिस) के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया है। यह सम्मान ‘राजीव गांधी प्रशासनिक गतिशीलता मिशन और प्रतियोगिता 2025-26’ के तहत प्रदान किया गया।
इस प्रतियोगिता में महाराष्ट्र के 29 मनपा ने भाग लिया था। 21 अप्रैल को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मनपा को पदक, प्रमाण पत्र और 4 लाख रुपये का चेक प्रदान किया। यह पुरस्कार मनपा आयुक्त राधाबिनोद ए। शर्मा और आईटी विभाग के सिस्टम मैनेजर राज घरत ने प्राप्त किया।
60 दिन में 100% डिजिटल ऑफिस
मीरा- भाईंदर मनपा महाराष्ट्र का पहला मनपा बन गया है जिसने केवल 60 दिनों में सभी विभागों में 100% ई-ऑफिस प्रणाली लागू की। यह प्रणाली केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ के तहत एनआईसी द्वारा विकसित की गई है, जिसके सफल क्रियान्वयन पर मनपा को प्रमाण पत्र भी मिला है।
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ई-ऑफिस लागू होने के बाद अब तक 14.9 लाख से अधिक अभिलेख और 8800 से ज्यादा फाइलें पूरी तरह डिजिटल रूप से प्रबंधित की जा चुकी हैं। करीब 90% प्राप्त अभिलेखों का निपटारा 3 दिनों के भीतर हो रहा है, जबकि फाइलें औसतन 7 दिनों में पूरी हो रही हैं।
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वित्तीय लेनदेन भी सुरक्षित और पारदर्शी
नई प्रणाली से प्रशासनिक प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां किसी अनुमोदन में 20-25 चरण लगते थे, अब यह घटकर सिर्फ 4-5 चरण रह गए हैं। इससे काम की गति, पारदर्शिता और समन्वय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। ई-ऑफिस के जरिए अब फाइल मूवमेंट, अनुमोदन और रिकॉर्ड प्रबंधन पूरी तरह डिजिटल हो गया है। डिजिटल सिग्नेचर, आधार प्रमाणीकरण और रियल टाइम एमआईएस मॉनिटरिंग से वित्तीय लेनदेन भी सुरक्षित और पारदर्शी हुए हैं।
पेपरलेस सिस्टम से 4 करोड़ की बचत
पेपरलेस ऑफिस के कारण कागज, समय और संसाधनों की बचत हुई है, जिससे अब तक 4 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय बचत दर्ज की गई है। मनपा लगातार अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दे रहा है, जिससे प्रणाली का नियमित उपयोग सुनिश्चित हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप नागरिकों को अब अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद सेवाएं मिल रही हैं।
