‘मराठों से दुश्मनी मोल न लें’, मनोज जरांगे की फडणवीस को चेतावनी और सरकार को अल्टीमेटम
Manoj Jarange Patil Devendra Fadnavis Maratha Reservation: कोल्हापुर पहुंचे मनोज जरांगे पाटिल ने देवेंद्र फडणवीस को दी चेतावनी; कुनबी प्रमाण पत्र के लिए दिया 8 दिनों का अल्टीमेटम।
- Written By: अनिल सिंह
मनोज जरांगे का सरकार को 8 दिनों का अल्टीमेटम (फोटो क्रेडिट-X)
Manoj Jarange Ultimatum to Devendra Fadnavis: मराठा आरक्षण आंदोलन के प्रणेता मनोज जरांगे पाटिल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए सरकार के सामने नया अल्टीमेटम रख दिया है। करवीर निवासिनी श्री अंबाबाई देवी के दर्शन के लिए कोल्हापुर पहुंचे जरांगे पाटिल ने कहा कि सरकार की राजनीतिक चतुरता मराठा समुदाय के सामने कभी काम नहीं आएगी।
उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस को सीधे तौर पर ललकारते हुए कहा कि वे विभिन्न विरोधियों और अपने ही समुदाय के कुछ लोगों को आगे कर उनके खिलाफ साजिश रचना और आरोप लगवाना बंद करें, क्योंकि वे ऐसी चालों में कभी फंसने वाले नहीं हैं। माता अंबाबाई की पवित्र भूमि से मुख्यमंत्री को सचेत करते हुए जरांगे ने कहा कि हमारी सरकार से कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है, इसलिए सरकार भी मराठों के साथ शत्रुतापूर्ण व्यवहार न करें।
जरांगे का 8 दिनों अल्टीमेटम
मनोज जरांगे पाटिल ने कोल्हापुर जिले के प्रशासनिक रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए सरकार को आगामी आठ दिनों की समयसीमा दी है। उन्होंने मांग की कि जिन मराठा परिवारों के ऐतिहासिक कुनबी रिकॉर्ड मिल चुके हैं, उन्हें अगले आठ दिनों के भीतर हर हाल में कुनबी जाति के प्रमाण पत्र वितरित किए जाएं। जरांगे ने पूर्व मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री फडणवीस को भी गरीबों के हक के लिए राधाकृष्ण विखे पाटिल और विधायक लाड के माध्यम से वैसे ही काम करने चाहिए जैसे पहले किए गए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अब काम नहीं रोका गया और मराठों के साथ अन्याय हुआ, तो समाज का आक्रोश इस सरकार को बहुत भारी पड़ेगा।
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जरांगे ने रखी 2029 की चुनावी शर्त
भूख हड़ताल समाप्त होने के तुरंत बाद कोल्हापुर को अपनी राजसी राजधानी बताते हुए जरांगे पाटिल ने सांसद श्रीमंत शाहू महाराज छत्रपति के निवास स्थान ‘न्यू पैलेस’ का दौरा किया। इस औपचारिक मुलाकात के दौरान जरांगे ने शाहू महाराज को मराठा आरक्षण की रूपरेखा और अब तक के दस्तावेजों की एक प्रति सौंपी तथा आगामी कदमों पर विस्तृत चर्चा की। सरकार के प्रति अपना रुख स्पष्ट करते हुए आंदोलनकारी नेता ने कहा कि 58 लाख कुनबी पंजीकरणों और शिंदे समिति के विस्तार से कुछ भरोसा जरूर बना है, लेकिन अगर इस बार धोखा मिला तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने सीधे शब्दों में चेताया कि धोखा मिलने पर आंदोलन करने के बजाय मराठा समाज सीधे साल 2029 के चुनावों की तैयारी करेगा और सरकार को 100 फीसदी सत्ता से उखाड़ फेंकेगा।
संघर्ष जारी रखने का संकल्प
अपनी अन्य सांगठनिक मांगों पर बोलते हुए मनोज जरांगे पाटिल ने स्पष्ट कर दिया कि जब तक वे जीवित हैं, मराठा युवाओं के हित में काम करने वाले अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम को किसी भी स्थिति में बंद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सरकार से कुनबी और मराठा समाज के कल्याण के लिए एक पूर्णतः अलग मंत्रालय स्थापित करने की भी पुरजोर वकालत की। पश्चिमी महाराष्ट्र के किसानों के संकट और ऋण माफी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि हक की लड़ाई के लिए लोगों को घरों से बाहर निकलना होगा। जरांगे ने भावुक होकर कहा कि चाहे उनके अपने ही लोग उनकी कितनी भी कटु आलोचना क्यों न करें, वे मराठा समाज के बच्चों के सुनहरे भविष्य और उन्हें उच्च पदों पर बैठाने के लिए अपना यह संघर्ष आखिरी सांस तक जारी रखेंगे।
