‘क्या नवी मुंबई बिहार-झारखंड में है?’ एकनाथ शिंदे का नाम कटने से भड़के शिवसैनिक, गणेश नाइक के खिलाफ खोला मोर्चा
Eknath Shinde Ganesh Naik Navi Mumbai Event Row: नवी मुंबई नगर निगम के आमंत्रण पत्र से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का नाम हटाने पर शिवसैनिकों का भारी हंगामा। गणेश नाइक के खिलाफ खोला मोर्चा।
- Written By: अनिल सिंह
नवी मुंबई: एकनाथ शिंदे का नाम कटने पर भड़के शिवसैनिक; गणेश नाइक की कार रोकी (फोटो क्रेडिट-X)
Eknath Shinde Ganesh Naik Navi Mumbai: महाराष्ट्र की सत्ताधारी महायुति सरकार के भीतर का आंतरिक गतिरोध अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। नवी मुंबई नगर निगम (NMMC) के एक आधिकारिक स्वास्थ्य परियोजना उद्घाटन कार्यक्रम की निमंत्रण पत्रिका से राज्य के उपमुख्यमंत्री और ठाणे जिले के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे का नाम कथित तौर पर हटाए जाने के बाद आज वाशी में भारी बवाल हो गया। इस घटनाक्रम से आक्रोशित होकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने आक्रामक रुख अपनाते हुए भाजपा के कद्दावर नेता और वन मंत्री गणेश नाइक की कार को बीच रास्ते में ही रोक दिया।
शिवसैनिकों ने गणेश नाइक के खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की और उनके काफिले के आगे प्रदर्शन किया। शिवसेना ने दो टूक चेतावनी दी है कि अब नवी मुंबई में गणेश नाइक और शिवसेना के बीच कोई दोस्ती नहीं रहेगी, बल्कि दोनों के संबंध अब ‘विल्या-भोपला’ (छत्तीस का आंकड़ा) जैसे दुश्मनी भरे रहेंगे।
कमिश्नर का दावा- नाइक और मेयर ने काटा उपमुख्यमंत्री का नाम
इस पूरे विवाद पर शिवसेना के वरिष्ठ सांसद नरेश म्हस्के ने भाजपा नेता गणेश नाइक पर नवी मुंबई में समानांतर और मनमानी सत्ता चलाने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है। म्हस्के ने एक बयान में सनसनीखेज खुलासा करते हुए दावा किया कि जब उन्होंने इस अपमान को लेकर नगर निगम प्रशासन और कमिश्नर से जवाब मांगा, तो कमिश्नर ने स्पष्ट रूप से बताया कि प्रशासन द्वारा तैयार मूल सूची में पालक मंत्री एकनाथ शिंदे का नाम शामिल था। लेकिन बाद में गणेश नाइक और स्थानीय मेयर ने मिलकर जानबूझकर एकनाथ शिंदे का नाम उस आमंत्रण पत्र से कटवा दिया, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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क्या नवी मुंबई बिहार या झारखंड में है
सांसद नरेश म्हस्के ने इस अपमानजनक व्यवहार पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राज्य मंत्रिपरिषद से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या नवी मुंबई महाराष्ट्र का हिस्सा नहीं है या यह बिहार और झारखंड में स्थित है, जहां शहरी विकास विभाग के सारे नियम-कायदे ताक पर रख दिए जाते हैं। म्हस्के ने कहा कि जब एकनाथ शिंदे मंत्री थे, तब उन्होंने स्वयं व्यक्तिगत रूप से डायलिसिस सेंटर से लेकर शहर के तमाम सर्वेक्षणों की कमान संभाली थी, लेकिन उद्घाटन के समय श्रेय लेने के लिए चालाकी की गई। उन्होंने चुनौती दी कि जनता के दिलों में बसने वाले एकनाथ शिंदे का नाम मिटाने की कोशिश करने वाले खुद राजनीतिक रूप से छोटे हो जाएंगे।
भाजपा विधायक मंदा म्हात्रे ने भी किया वॉकआउट
यह लड़ाई सिर्फ शिवसेना बनाम गणेश नाइक तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि भाजपा की स्थानीय विधायक मंदा म्हात्रे ने भी गणेश नाइक के खिलाफ अपनी ही पार्टी में मोर्चा खोल दिया है। इस कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं द्वारा धक्का-मुक्की किए जाने के बाद मंदा म्हात्रे ने गुस्से में आकर कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया और वॉकआउट कर गईं। म्हात्रे ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि स्थानीय विधायक होने के बावजूद गणेश नाइक और उनके समर्थक उन्हें लगातार प्रताड़ित और नजरअंदाज कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके ऐरोली और बेलापुर निर्वाचन क्षेत्र में नाइक गुट की इसी तरह घुसपैठ जारी रही, तो वे चुप नहीं बैठेंगी और इसका करारा जवाब देंगी। वहीं दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर जब वन मंत्री गणेश नाइक से सीधे सवाल पूछा गया, तो वे कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बचते नजर आए और गेंद मेयर के पाले में डाल दी।
