Ajit Pawar के निधन का असर, ठाणे-केडीएमसी-उल्हासनगर के महापौर चुनाव टलने के आसार
DCM Ajit Pawar के आकस्मिक निधन के बाद घोषित तीन दिवसीय शासकीय शोक का असर स्थानीय राजनीति पर भी दिखने लगा है। ठाणे और उल्हासनगर में महापौर चुनाव टलने की संभावना जताई जा रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
ठाणे मनपा (pic credit; social media) फाइल फोटो
Thane Mayor Elections: ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई थी।
महापौर पद के लिए चुनाव कार्यक्रम भी तय कर दिया गया था, जिसके अनुसार 30 जनवरी को नामांकन दाखिल किए जाने थे और 3 फरवरी को नए महापौर का चयन होना था।
हालांकि बुधवार सुबह उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान दुर्घटना में आकस्मिक निधन की खबर सामने आने के बाद पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। इस दुखद घटना के बाद राज्य सरकार ने तीन दिनों का शासकीय शोक घोषित किया है। शोक की इस अवधि के दौरान सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर मर्यादा लागू रहती है, जिसका सीधा असर राजनीतिक गतिविधियों पर भी पड़ता है।
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महापौर चुनाव टलने की संभावना
शासकीय शोक के चलते अब ठाणे, कल्याण-डोंबिवली और उल्हासनगर में प्रस्तावित महापौर चुनावों के टलने की पूरी संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि शोक काल के दौरान चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाना नैतिक और प्रशासनिक दोनों ही दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में चुनाव कार्यक्रम में बदलाव पर विचार किया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर मंथन जारी
सूत्रों के मुताबिक, संबंधित महानगरपालिकाओं और राज्य सरकार के स्तर पर इस विषय पर मंथन शुरू हो गया है। संभावना है कि नामांकन प्रक्रिया और महापौर चयन की तारीखों को आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
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राजनीतिक दलों की नजर अगले फैसले पर
महापौर पद को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने अपनी रणनीति तैयार कर ली थी, लेकिन मौजूदा हालात में अब सबकी नजर प्रशासन के अगले फैसले पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि शासकीय शोक समाप्त होने के बाद नई तारीखों की घोषणा की जा सकती है, ताकि संवैधानिक प्रक्रिया के साथ-साथ जनभावनाओं का भी सम्मान किया जा सके।
