सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए टीकाकरण जरूरी, सिविल सर्जन कैलाश पवार ने की अपील
Thane Vaccination Campaign: ठाणे में HPV वैक्सीन को लेकर फैल रही अफवाहों के कारण टीकाकरण में उदासीनता के चलते सिविल सर्जन डॉ. कैलाश पवार ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए समय पर वैक्सीनेशन की अपील की।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: आंचल लोखंडे
Thane vaccination campaign (सोर्सः सोशल मीडिया)
HPV Vaccine Awareness Thane: महिलाओं में होने वाली गंभीर बीमारियों में से एक सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए शुरू किए गए HPV वैक्सीन टीकाकरण अभियान को लेकर अफवाहों के कारण लोगों में डिप्रेशन देखा जा रहा है। ठाणे जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. कैलाश पवार ने कहा कि सोशल मीडिया पर सर्वाइकल कैंसर से बचाने वाली HPV वैक्सीन के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान नहीं देना चाहिए।
वैक्सीन लगवाने से डर रहे लोग
महिलाओं में पाई जाने वाली गंभीर बीमारियों में सर्वाइकल कैंसर को बेहद खतरनाक माना जाता है। इस कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पेपिलोमावायरस (HPV) है। हालांकि सही उम्र में टीकाकरण कराने से इस बीमारी का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
HPV वैक्सीन को लेकर अफवाहों के चलते उदासीनता
इस उद्देश्य से सरकार ने 9 से 14 साल की लड़कियों को HPV वैक्सीन लगाने के लिए अभियान शुरू किया है। ठाणे जिले में अगर 14 साल की लड़कियों को यह वैक्सीन मुफ्त में लगाई जा रही है, लेकिन अब तक केवल लगभग 700 लड़कियों का ही टीकाकरण हो पाया है। डॉ. पवार ने बताया कि कुछ लोग गलत और संवाद जानकारी फैलाकर माता-पिता में डर पैदा कर रहे हैं, जिसके कारण शिशुओं में अपनी बेटियों के टीकाकरण को लेकर बढ़ना दिख रहा है।
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कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं
डॉ. कैलाश पवार ने कहा, “एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और दुनिया के कई देशों में बड़े पैमाने पर दी जाती है। अब तक इस वैक्सीन के कोई गंभीर साइड इफेक्ट सामने नहीं आए हैं। इसलिए नागरिकों को सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों या गलत जानकारी पर विश्वास नहीं करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि यदि किसी को वैक्सीन को लेकर कोई शंका हो तो वह केवल अधिकृत स्वास्थ्य परामर्श या विशेषज्ञ डॉक्टरों से ही जानकारी लें।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त सुविधा
स्वास्थ्य विभाग ने सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता बढ़ाने हेतु स्वास्थ्य तंत्र को सक्रिय किया है। सरकारी अस्पतालों में यह वैक्सीन 14 साल की उन लड़कियों को मुफ्त में दी जा रही है जिनकी उम्र अभी 15 साल पूरी नहीं हुई है।
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स्वास्थ्य कर्मियों के अनुसार, सही उम्र में एचपीवी टीकाकरण कराने से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी हद तक रोका जा सकता है। चूंकि यह वैक्सीन सुरक्षित, प्रभावी और वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त है, इसलिए नागरिकों को अफवाहों की बजाय वैज्ञानिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।
राज्य टीकाकरण अभियान
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एकनाथ शिंदे ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राज्य टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान के तहत राज्य में लगभग 9.84 लाख लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन के माध्यम से सुरक्षा प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है।
