illegal egg donation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Badlapur Crime News: जरूरतमंद महिलाओं का फायदा उठाकर उनके अंडाणु (एग डोनेशन) के अवैध कारोबार से जुड़े एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है कि यह गिरोह बदलापुर के पास जुवेली गांव स्थित एक आवासीय परिसर के फ्लैट से संचालित हो रहा था। 19 फरवरी को बदलापुर उप-जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों और पुलिस ने संयुक्त छापेमारी कर इस रैकेट का पर्दाफाश किया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी सुलक्षणा गाडेकर समेत दो अन्य महिलाओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अदालत ने आरोपियों को 25 तारीख तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग वांगणी, बदलापुर, उल्हासनगर और ठाणे स्थित आईवीएफ और सोनोग्राफी केंद्रों पर भी छापेमारी कर मामले की जांच कर रहे हैं।
इस बीच सुलक्षणा गाडेकर के पति संजय वर्मा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनकी पत्नी के साथ धोखाधड़ी हो रही है। उनका दावा है कि उनकी पत्नी अस्पताल में काम करती है और अस्पताल के डॉक्टरों की मिलीभगत के बिना यह संभव नहीं था। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी डोनर महिलाओं को अस्पताल ले जाती थीं, जहां दस्तावेज जमा करने के बाद उन्हें 3 से 4 हजार रुपये मिलते थे, जबकि संबंधित डोनर महिला को 15 से 20 हजार रुपये दिए जाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके घर से इंजेक्शन मिलने के आरोप झूठे हैं।
हालांकि, स्वास्थ्य दल को आरोपी महिला के घर से महिलाओं के अंडाणु प्रक्रिया से संबंधित अवैध इंजेक्शन, मोबाइल फोन में इंजेक्शन और सोनोग्राफी की तस्वीरें, फर्जी नामों से तैयार हलफनामे, फर्जी दस्तावेज, विभिन्न महिलाओं की तस्वीरें और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी बरामद हुई है।
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इस मामले में सुलक्षणा गाडेकर (बदलापुर), अश्विनी चाबुकस्वर (उम्र 29, निवासी उल्हासनगर) और मंजुषा वानखेड़े (उम्र 46, निवासी उल्हासनगर) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस घटना से न केवल बदलापुर बल्कि एक संभावित अंतरराष्ट्रीय रैकेट के पर्दाफाश की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है, हालांकि फिलहाल विस्तृत जानकारी देने से बच रही है। अब सभी की निगाहें जांच के अगले खुलासों पर टिकी हैं।