सावधान नागपुर! एक क्लिक और खाता साफ: शहर के 7 थानों में दर्ज हुई लाखों की ठगी; ठगों ने अपनाए 7 नए तरीके

Nagpur Cyber Fraud News: नागपुर में साइबर ठगों का बड़ा हमला। एक ही दिन में 7 थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज। डॉक्टर, व्यापारी और स्कूल संचालक समेत कई लोग शिकार।
Cyber criminals strike Nagpur: 7 FIRs registered in a single day across various police stations.
साइबर ठगी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
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Online Scam Nagpur: नागपुर शहर में साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। सिटी में एक ही दिन में 7 अलग-अलग पुलिस थानों में डॉक्टर, व्यापारी, मजदूर और युवकों को ठगी का शिकार बनाया गया। नंदनवन, लकड़गंज, कोतवाली, गणेशपेठ, तहसील, इमामवाड़ा और पांचपावली थाना में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज किए है। पहली घटना में क्रेडिट कार्ड अपडेट करवाने का झांसा दिया गया।

नंदनवन थाना क्षेत्र में रहने वाले एक डॉक्टर को अज्ञात व्यक्ति ने बैंक के क्रेडिट कार्ड विभाग का अधिकारी बताकर फोन किया। कार्ड की क्रेडिट लिमिट बढ़ाने और डिवाइस अपडेट के बहाने डॉक्टर के वाट्सएप पर ‘एसबीआई कार्ड’ नाम से एपीके फाइल भेजी गई। वीडियो कॉल के जरिए स्क्रीन शेयर कराकर आरोपियों ने कार्ड की गोपनीय जानकारी और ओटीपी हासिल कर खाते से 21,274 रुपये उड़ा लिए।

गणेशपेठ से आया दूसरा मामला

दूसरा मामला गणेशपेठ थाने में दर्ज हुआ। वर्धा निवासी पीड़ित युवक नागपुर में नौकरी करता है। इंस्टाग्राम पर निवेश का लालच देकर उसे फंसाया गया। पहले उसे ‘निफ्टी एक्सपर्ट ट्रेडर्स’ नामक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया और अधिक रिटर्न का झांसा दिया गया। प्रोसेसिंग फीस व कमीशन के नाम पर युवक ने विभिन्न यूपीआई आईडी पर कुल 70,997 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद भी कोई रिटर्न नहीं मिला। ठगी का पता चलने पर उसने पुलिस से शिकायत की।

सीआरपीएफ अधिकारी बनकर लगाया चूना

कोतवाली क्षेत्र में कॉस्मेटिक थोक व्यवसाय करने वाले एक व्यापारी को ठगा गया। ठग ने स्वयं को सीआरपीएफ का परचेस ऑफिसर बताकर माल का बड़ा ऑर्डर देने का झांसा दिया। व्यापारी ने उसे 1.30 लाख रुपये का कोटेशन भेजा। आरोपी ने ऑर्डर देने का झांसा दिया और बाद में कोटेशन प्रोसेसिंग के नाम पर व्यापारी से 65,000 रुपये ऐंठ लिए।

इसके बाद आरोपी का फोन बंद हो गया। व्यापारी ने परेशान होकर पुलिस से शिकायत की। पांचपावली में एक व्यक्ति को ऑनलाइन खरीदा गया उत्पादन रिटर्न और रिफंड करवाने का झांसा देकर ठगा गया। पीड़ित व्यक्ति ने एक उत्पादन ऑनलाइन खरीदा था।

डिलीवरी के बाद जांच करने पर वह उत्पादन खराब निकला। उसे रिटर्न करने के लिए पीड़ित ने इंटरनेट से कस्टमर केयर नंबर खोजा। यहां पर ठगों ने अपना नंबर डाल रखा था। संपर्क होने पर ठग ने पीड़ित व्यक्ति को स्क्रीन शेयर कराकर फोन-पे से जुड़े बैंक खाते से 2 ट्रांजेक्शन कर 98,000 रुपये ट्रांसफर कर लिए।

स्कूल संचालक खाते से उड़ाए 1.45 लाख

तहसील क्षेत्र में स्कूल संचालक साइबर ठगी का शिकार हुए। साइबर ठग ने खाते से 1.45 लाख रुपये उड़ा लिए। तहसील पुलिस ने 45 वर्षीय पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता गांधीबाग परिसर में स्कूल चलाते हैं। 3 फरवरी की रात उन्हें 2 अलग-अलग नंबरों से कॉल आया।

कॉल करने वाले ने खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया और उनके खाते से 25,000 रुपये डेबिट होने की जानकारी दी। दूसरे दिन स्कूल संचालक ने बैंक में पूछताछ की तो उनकी अनुमति के बगैर 2 दिन में खाते से कुल 5 बार आईएमपीएस ट्रांस्क्शन होने का पता चला। आरोपी ने खाते से 1.45 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। तत्काल उन्होंने साइबर पोर्टल में प्रकरण की शिकायत की।

इमामवाड़ा क्षेत्र में एक युवक ने ओएलएक्स पर कुर्सी बेचने का विज्ञापन डाला था। खरीदार बनकर ठग ने क्यूआर कोड भेजा और पेमेंट कन्फर्म करने के लिए 2 रुपये ट्रांसफर करने को कहा। ट्रांजेक्शन पिन डालते ही युवक के खाते से 19,800 रुपये कट गए। पीड़ित युवक ने तत्काल पुलिस से शिकायत की।

पीएम किसान योजना के नाम पर भी ठगी

लकड़गंज थाना क्षेत्र में एक बढ़ई साइबर ठगी का शिकार हुआ। पीएम किसान योजना के पैसे दिलाने का झांसा देकर उसे 95,472 रुपये का चूना लगाया गया। 27 वर्षीय युवक कारपेंटर का काम करता है और एक दुकान में भी काम करता है। 30 जनवरी की सुबह अज्ञात आरोपी ने उन्हें कॉल किया।

खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताया और पीएम किसान योजना के पैसे खाते में जमा न होने की जानकारी दी। ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने का झांसा देकर आरोपी ने वाट्सएप लिंक के जरिए यूपीआई आईडी भेजी। जैसे ही युवक ने मोबाइल पर अपना पिन नंबर डाला, खाते से उपरोक्त रकम डेबिट हो गई। तत्काल युवक ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की।

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