अंबरनाथ के चर्चित संजय पाटिल हत्याकांड की जांच अब ‘SIT’ करेगी, हाई कोर्ट का आदेश
Sanjay Patil Murder Case: अंबरनाथ के चर्चित संजय पाटिल हत्याकांड की जांच अब हाई कोर्ट के आदेश पर एसआईटी करेगी, जिसकी निगरानी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी करेंगे।
- Written By: आंचल लोखंडे
Sanjay Patil Murder Case:अंबरनाथ के चर्चित संजय पाटिल हत्याकांड (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bombay High Court Order: रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े संजय पाटिल की बेरहमी से हत्या के मामले ने डेढ़ साल बाद एक अहम मोड़ ले लिया है। हाई कोर्ट के सख्त आदेश के बाद इस अपराध की जांच के लिए अब स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया गया है। संजय पाटिल की 22 अक्टूबर 2024 की रात करीब 10 बजे चाकू से 32 बार वार कर क्रूरतापूर्वक हत्या कर दी गई थी।इस मामले में मृतक की पत्नी विद्या पाटिल ने आरोप लगाया था कि स्थानीय शिवाजीनगर पुलिस ने जांच में देरी की और ठोस सबूत होने के बावजूद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया। उनका आरोप था कि मामले को दबाने की कोशिश की गई।
स्थानीय पुलिस की भूमिका से आहत होकर मृतक के बेटे हार्दिक पाटिल ने मुंबई हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने अब तक की जांच पर कड़ी नाराजगी जताई और मर्डर जैसे गंभीर अपराध की जांच के लिए उपायुक्त रैंक के आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति का आदेश दिया। जानकारी के अनुसार, यह जिम्मेदारी आर्थिक अपराध शाखा के उपायुक्त पराग मनेरे को सौंपी गई है। कोर्ट ने जांच पूरी करने के लिए 12 हफ्तों की सख्त समय-सीमा तय की है और ठाणे पुलिस आयुक्त को तय अवधि में जांच पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
IPS अधिकारी की देखरेख में होगी जांच
इससे पहले विद्या पाटिल ने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग से भी अपील की थी और अपनी जान को खतरा बताते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की थी। अब हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद जांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को सौंपे जाने से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।
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डेढ़ साल बाद भी मुख्य आरोपी फरार होने से परिवार भयभीत था, लेकिन अब एसआईटी की जांच से उम्मीद है कि इस जघन्य हत्या के असली अपराधी कानून के शिकंजे में आएंगे। अंबरनाथ के लोग भी इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि 32 बार चाकू से वार कर दहशत फैलाने वाला मास्टरमाइंड कब पकड़ा जाएगा।
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इस मामले में उल्हासनगर परिमंडल-4 के पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे ने बताया कि संजय पाटिल हत्याकांड में अब तक दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब इस मामले की आगे की जांच एक आईपीएस अधिकारी की देखरेख में की जाएगी।
