अंबरनाथ नपा: सत्ता संघर्ष में शिवसेना ने भाजपा को दिया झटका, शिवसैनिकों का शिवाजी चौक पर जश्न
Ambernath Power Struggle: अंबरनाथ नगरपालिका में सत्ता संघर्ष के बीच जिलाधिकारी ने शिवसेना गुट के दावे को वैध ठहराया है। इस फैसले से भाजपा को बड़ा झटका लगा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ambernath Power (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ambernath Municipal Corporation: अंबरनाथ नपा के आम चुनाव के बाद भाजपा तथा शिवसेना के बीच पिछले चार महीने से सदन में नगरसेवकों की संख्या बल को लेकर चल रहा कानूनी विवाद गुरुवार को सुलझ गया है। ठाणे के जिलाधिकारी डॉ। श्रीकृष्ण पंचाल ने लंबी जांच पड़ताल के बाद शिवसेना के गुट को वैध ठहराया है। इससे भाजपा को गहरा झटका लगा है। शिंदे शिवसेना ने अपनी जीत का स्थानीय छत्रपति शिवाजी चौक पर पटाखे फोड़कर और बांटे लड्डू बांट कर जश्न मनाया।
गौरतलब है कि भाजपा ने नपा उपाध्यक्ष पद के चुनाव में विजयी राष्ट्रवादी कांग्रेस के सदाशिव पाटिल के चयन प्रक्रिया को भाजपा ने मुंबई हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। कोर्ट ने इस मामले को पहले जिलाधिकारी के पास ले जाने की सलाह दी थी। उसके बाद भाजपा ने शिवसेना तथा राकांपा गठबंधन से नपा के उपाध्यक्ष बने सदाशिव पाटिल की हुई जीत को चुनौती दी थी। इसमें जिलाधिकारी ने शिवसेना गठबंधन के सदाशिव पाटिल के चयन को सही ठहराया।
फोड़े पटाखे और बांटे लड्डू
इस फैसले से शिवसेना में उत्साह का माहौल है। इस गट को अधिकृत मान लिए जाने के कारण शिवसेना की संख्यात्मक शक्ति के आधार पर, अब नगर पालिका में नपा उपाध्यक्ष के पद के बाद की सभी विषय समितियां भी शिवसेना के नियंत्रण में आ सकती है। अंबरनाथ नगरपालिका में कुल 59 सदस्य है। इनमें शिवसेना के 27, भाजपा के 14, कांग्रेस के 12, एनसीपी (अजित पवार ) के 4 और 2 निर्दलीय सदस्य निर्वाचित हुए हैं।इसी तरह सीधे जनता के वोटो से भाजपा की तेजश्री करंजुले-पाटिल नपा अध्यक्ष पद के लिए प्रत्यक्ष चुनाव जीता था। नगरपालिका में सत्ता बनाने के लिए 30 सदस्यों की आवश्यकता थी, लेकिन किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला।
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अंबरनाथ विकास आघाड़ी
शिवसेना-भाजपा गठबंधन की बातचीत विफल होने के बाद, भाजपा ने कांग्रेस, एनसीपी और एक निर्दलीय सदस्य की मदद से ‘अंबरनाथ विकास आघाड़ी’ का गठन किया और जिला कलेक्टर को 31 सदस्यों का अपना दावा प्रस्तुत किया। इसके बाद एनसीपी के चार सदस्यों ने गठबंधन छोड़ दिया और शिवसेना को अपना समर्थन दिया। परिणामस्वरूप, शिवसेना को 27 सदस्यों, एनसीपी के 4 और एक निर्दलीय सदस्य का समर्थन मिला, जिससे कुल संख्या 32 हो गए है।
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शिवसेना-भाजपा के बीच सत्ता संघर्ष
नपा के आम चुनाव तथा उसके बाद नपा उपाध्यक्ष पद चुनाव के बाद से पिछले पांच महीनों से अंबरनाथ नगरपालिका में सत्ता के गठन का विवाद बॉम्बे उच्च न्यायालय तक पहुंच गया था इसके बाद, न्यायालय ने जिला कलेक्टर को इस मामले में अंतिम निर्णय लेने का अधिकार दिया और सुनवाई प्रक्रिया चल रही थी। इस प्रकार पिछले पांच महीनों से अंबरनाथ नगरपालिका में शिवसेना-भाजपा के बीच सत्ता संघर्ष चल रहा है। साथ ही इस सत्ता संघर्ष के कारण विषय समितियों की नियुक्तियों में भी देरी हुई है।
जिलाधिकारी के निर्णय का स्वागत
इसके अलावा राजनीतिक हलकों और अंबरनाथ की जनता का ध्यान इस बात पर केंद्रित था कि इस सत्ता संघर्ष में किसका पक्ष लिया जा रहा है। अंततः, 7 मई को जिला कलेक्टर ने परिणाम घोषित किया और शिवसेना के दावे को मंजूरी दे दी। जिला कलेक्टर के इस निर्णय के साथ, शिवसेना का दावा आधिकारिक तौर पर वैध हो गया है। हालांकि इसे भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। शुक्रवार की सुबह शिवसेना के गट नेता रवि करंजुले, वरिष्ठ नगरसेवक राजेंद्र वालेकर, अब्दुल भाई शेख, नपा के पूर्व अध्यक्ष सुनील चौधरी आदि के नेतृत्व शिवसेना ने जिलाधिकारी के निर्णय का स्वागत किया तथा चौक पर जश्न मनाया।
