अंबरनाथ में अवैध होर्डिंग्स पर विवाद: 5 करोड़ का नुकसान, हाई कोर्ट में याचिका

High Court Petition Hoardings: अंबरनाथ में अवैध होर्डिंग्स का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। करोड़ों के नुकसान के आरोपों के बीच प्रशासन की निष्क्रियता के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है।
Ambernath Municipal Tender Political Conflict
अंबरनाथ नगर परिषद (सौ. सोशल मीडिया )
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Ambernath Illegal Hoardings Controversy: अंबरनाथ नपा के कार्यक्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर लगाए गए दर्जनों विज्ञापन के बड़े-बड़े अनाधिकृत होर्डिंग्स का मुद्दा अब और गंभीर हो गया है।

हाल ही में संपन्न नपा की आम सभा में शिवसेना के वरिष्ठ नगरसेवक राजेंद्र वालेकर ने प्रशासन को इस मुद्दे से अवगत कराते हुए सीधे सीधे आरोप लगाया कि अवैध होर्डिंगों से नपा का लगभग 5 करोड़ रुपए का नुकसान हो रहा है और अब सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण गोसावी ने प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ मुंबई उच्च न्यायालय में हस्तक्षेप याचिका दायर की है।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि बार-बार लिखित शिकायतें करने के बावजूद अंबरनाथ नगर परिषद प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है। हालांकि नगर प्रशासन ने पिछले सोमवार से शहर में बैनरों और होर्डिंग्स के खिलाफ अभियान शुरू किया है। लेकिन आम नागरिक इस बात पर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं कि शहर के प्रमुख चौकों में लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण गोसावी ने नवंबर 2023 और मई 2024 में नगर परिषद में अनाधिकृत होर्डिंग्स के संबंध में लिखित शिकायतें दर्ज कराई थीं।

छोटे बैनरों पर कार्रवाई, बड़ों को अभयदान, लोगों में भारी गुस्सा

प्रशासन को इन शिकायतों के केवल दस्तावेजी जवाब मिले, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसके विपरीत गोसावी का दावा है कि शहर में अवैध होर्डिंग्स की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि मटका चौक में लगा 126 x 30 फुट का होर्डिंग आंशिक रूप से जर्जर और बेहद खतरनाक स्थिति में है जो सरकारी फैसले का स्पष्ट उल्लंघन है।

सड़कों, चौराहों और फुटपाथों पर होर्डिंग्स लगाने पर सख्त प्रतिबंध के बावजूद, अंबरनाथ पूर्व और पश्चिम में कई जगहों पर निविदाकर्ता नियमों का उल्लंघन करते नजर आ रहे हैं। नगरपालिका द्वारा चलाए जा रहे अभियान में शहर के कुछ क्षेत्रों में लगे बैनर हटाए जा रहे हैं, लेकिन छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, हुतात्मा चौक और मटका चौक जैसे व्यस्त स्थानों पर लगे बड़े और खतरनाक होर्डिंग्स को अभी तक नहीं हटाया गया है। प्रशासन की इस चुनिंदा कार्रवाई ने नागरिकों के बीच संदेह और गुस्सा का माहौल पैदा कर दिया है।

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