
अजित पवार (फोटो: ANI)
मुंबई. विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी सत्तारूढ़ महायुति के घटक दलों के बीच उनके बड़बोले नेताओं के विवादित बयानों के कारण बार-बार घमासान मच रहा है। इस बार राज्य सरकार के स्वास्थ्य मंत्री व एकनाथ शिंदे की शिवसेना के नेता तानाजी ने अनर्गल बयानबाजी करके महायुति में झगड़ा लगा दिया है। उनके बयान के बाद एनसीपी (अजित पवार) बेहद आक्रोश में है। अजित गुट ने बीजेपी से तानाजी को बर्खास्त करने की मांग की है। साथ ही मांग मंजूर न हो पर एनसीपी (अजित पवार) ने महायुति से बाहर निकलने की चेतावनी भी दी है।
लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद आरएसएस, बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेता बार-बार एनसीपी (अजित पवार) के खिलाफ बयान बाजी करते रहे हैं। लेकिन गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री सावंत ने यह कह कर आग में घी डालने का काम किया कि अजित गुट के नेताओं के साथ बैठक में शामिल होने के बाद बाहर निकलने पर वमन (उल्टी) जैसा महसूस होता। सावंत ने आगे कहा कि हमारी राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ कभी नहीं बनी। भले ही हम कैबिनेट में एक-दूसरे के साथ बैठते हैं, लेकिन जब बाहर आते हैं तो हमें उल्टी आती है।
सावंत के बयान के बाद महायुति में तनाव बढ़ गया है और एनसीपी (अजित पवार) ने आक्रामक रुख अपनाते हुए सीधे तौर पर महायुति से बाहर निकलने की धमकी दे दी है। एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कहा कि तानाजी सावंत को कैबिनेट से हटाया जाए, नहीं तो हम सत्ता से बाहर हो जाएंगे। हम सत्ता के लिए भूखे नहीं हैं, हम अजित का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। तो वहीं अजित गुट के विधायक अमोल मिटकरी ने भी शिवसेना शिंदे गुट पर जोरदार हमला बोला।
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उन्होंने आगे कहा कि यदि इसी तरह एनसीपी का अपमान होता रहेगा हैं तो हमें निर्णय लेना पड़ेगा कि महायुति में रहना है या नहीं? उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री को को कैबिनेट की तरह बैठक बुलानी चाहिए। हर दिन कोई न कोई खड़ा होता है, पहले नितेश राणे, सदाभाऊ खोत और अब तानाजी सावंत बोले। पवार तानाजी सावंत की चीनी फैक्ट्री के उद्घाटन में शामिल हुए। क्या तब एनसीपी को मिचली नहीं आ रही थी?
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