शुक्र प्रदोष विधिवत व्रत से मिलेगी भोलेनाथ की कृपा, दाम्पत्य जीवन में आएगी खुशहाली

Shukrawar Pradosh Vrat:शुक्रवार को प्रदोष व्रत का शुभ संयोग भगवान शिव और देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा दिलाने वाला माना जाता है। इस दिन किए गए सरल उपायों से धन, सुख-समृद्धि आती हैं।
Shukrawar Pradosh Vrat
माता लक्ष्मी के साथ भोलेनाथ (सौ.सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Shukrawar Ke Upay: हिन्दू धर्म में शुक्रवार का दिन धन की देवी लक्ष्मी जी की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। हिन्दू धर्म शास्त्रों के अनुसार, इस दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। वहीं, इस बार शुक्रवार को प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। इसके कारण इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है।

ऐसे में ज्योतिषयों के अनुसार अगर आप शुक्रवार के दिन कुछ विशेष उपाय कर लें तो इससे माता लक्ष्मी के साथ-साथ भोलेनाथ की भी कृपा प्राप्त हो सकती है। साथ ही, जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति हो सकती है। ऐसे में आइए विस्तार से जानें शुक्रवार के उपाय-

किन उपायों से देवी लक्ष्मी के साथ भोलेनाथ की कृपा होगी प्राप्त

मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने का उपाय

इस बार शुक्रवार को प्रदोष व्रत का संयोग बनने के कारण इस दिन स्नानादि करने के बाद साफ वस्त्र धारण करें। इस दिन गुलाबी या चमकीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इसके पश्चात, शिव जी के साथ-साथ देवी लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। सुबह माता लक्ष्मी को गुलाब के फूल अर्पित करें और तुलसी में जल जरूर चढ़ाएं।

भगवान शिव का आशीर्वाद पाने का उपाय

आज शुक्रवार के दिन प्रदोष व्रत पड़ रहा है। इस दिन भोलेनाथ बहुत उदार होते हैं। ऐसे में प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव का गंगाजल, शहद, दही आदि से अभिषेक करना चाहिए। साथ ही, उन्हें बेलपत्र जरूर अर्पित करें। मान्यता है कि ऐसा करने से भोलेनाथ जल्दी प्रसन्न होते हैं और जातक को उनकी विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। अभिषेक के पश्चात शिवजी की विधि विधान से पूजा और आरती भी जरूर करनी चाहिए।

दांपत्य जीवन में खुशहाली का उपाय

ज्योतिषयों के अनुसार, प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव और पार्वती माता की पूजा अवश्य करनी चाहिए। साथ ही, देवी को श्रृंगार का सामान अर्पित करें और 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें।

इस उपाय को करने से जातक को वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याओं से राहत मिल सकती है और पति-पत्नी का रिश्ता मधुर हो सकता है। प्रदोष व्रत के दिन शाम को प्रदोष काल में महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी अवश्य करना चाहिए। इससे जीवन में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिल सकती है और तरक्की के नए मार्ग खुल सकते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com