‘गीला सूखा बोलचाल का शब्द…’ सोलापुर में क्या बोले फडणवीस ?
Solapur Heavy Rain: राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज से महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों, विशेषकर मराठवाड़ा का दौरा शुरू किया। उन्होंने सोलापुर में बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण किया।
- Written By: आंचल लोखंडे
सोलापुर में गीला सुखा की स्थिती नहीं (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Solapur News: राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज से महाराष्ट्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों, खासकर मराठवाड़ा का दौरा शुरू किया। उन्होंने आज सुबह (24) सोलापुर में मध्य प्रदेश में बाढ़ की स्थिति का निरीक्षण शुरू किया। इस दौरान उन्होंने किसानों की तुरंत मदद करने का आश्वासन दिया। हम मदद करने में पीछे नहीं हटेंगे। हम कोई और मानदंड नहीं थोपेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने ज़रूरत पड़ने पर मानदंडों में ढील देने का भी आदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने किसानों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की।
देवेंद्र फडणवीस ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, ‘किसानों की मदद करते समय हम ज़्यादा मानदंड नहीं थोपेंगे। जहाँ ज़रूरत होगी, वहाँ मानदंडों में ढील दी जाएगी। नागरिकों की सुविधा के लिए सभी फ़ैसले लिए जाएँगे। बाढ़ प्रभावित नागरिकों को केंद्र में रखकर फ़ैसले लेने के निर्देश भी दिए गए हैं।’
गीला सूखा बोली का शब्द…
इस बीच, विपक्ष राज्य में सूखा घोषित करने की माँग कर रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सूखा हमारी बोली का शब्द है। हम किसानों को हर तरह की रियायतें देंगे। सबसे पहले तत्काल सहायता प्रदान करना एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसी के तहत हमने धनराशि जारी करना भी शुरू कर दिया है। फडणवीस के इस बयान से साफ है कि वे स्थिती को गिला सुखा नहीं मानते लेकिन हुए नुकसान की भरपाई कुछ हद तक मंजूर जरुर करेंगे।
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केंद्र से भी मदद
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि केंद्र सरकार भी मदद करेगी। केंद्र ने एनडीआरएफ को अग्रिम धनराशि दे दी है और हम उसका वितरण कर रहे हैं। कैबिनेट ने कहा कि जितनी भी धनराशि की आवश्यकता होगी, उसे देने का निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकारने तातडीची मदत देणे सुरू केले असून, अतिवृष्टीमुळे नुकसान झालेल्या शेतकर्यांना मदत करणार. ( सोलापूर | 24-9-2025)#Maharashtra #Solapur #अतिवृष्टी pic.twitter.com/nYCGoUqgqb — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) September 24, 2025
उन्होंने बांध से पानी छोड़े जाने को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘बांध से पानी छोड़े जाने की बात करें तो जब भारी बारिश होती है, तो नियमित योजना के अनुसार पानी नहीं छोड़ा जा सकता। हालाँकि, हम इस बात की भी जाँच करेंगे कि पानी छोड़ने में कोई चूक तो नहीं हुई है। यह सिर्फ़ बांध का मामला नहीं है। जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश हुई है। प्रकृति का चक्र बदल गया है। हम इस पर ध्यान दे रहे हैं।’
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हर संभव मदद का आश्वासन
देवेंद्र फडणवीस ने सोलापुर के नीमगाँव का निरीक्षण दौरा किया। इस दौरान वहाँ के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को स्थिति से अवगत कराया। साथ ही एक बयान भी दिया। देवेंद्र फडणवीस ने नागरिकों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे कृषि, मवेशियों, घरों और उद्योग-धंधों के लिए विभिन्न प्रकार की मदद प्रदान करेंगे। सोलापुर के विभिन्न क्षतिग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण करते समय मुख्यमंत्री के साथ मंत्री जयकुमार गोरे, रणजीतसिंह नाइक निंबालकर और सुभाष देशमुख भी मौजूद थे।
सोलापूर जिल्यातील माढा तालुका येथे अतिवृष्टीमुळे झालेल्या नुकसानीची पाहणी…#Maharashtra #HeavyRain #अतिवृष्टी pic.twitter.com/MOd3EFIO9P — Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) September 24, 2025
