पास नहीं था तो पांचवीं कक्षा के छात्र को हाईवे पर उतार दिया! लालपरी बस कंडक्टर की अमानवीय हरकत
Mangalvedha Incident: मंगलवेढ़ा में ST बस कंडक्टर द्वारा पास न होने पर पांचवीं कक्षा के छात्र को हाईवे पर उतारने की घटना ने स्कूली बच्चों की यात्रा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
Mangalvedha Incident:मंगलवेढ़ा में ST बस कंडक्टर (सोर्सः सोशल मीडिया)
Solapur News: बस का पास नहीं होने पर पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक मासूम छात्र को बस से उतारकर सीधे हाईवे पर छोड़ देने की गंभीर घटना शनिवार शाम मंगलवेढ़ा में सामने आई है। इस घटना के बाद स्कूली बच्चों की यात्रा सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मंगलवेढ़ा तालुका के ब्रह्मपुरी गांव का निवासी प्रथमेश राहुल पाटिल (कक्षा 5) रोज़ाना मंगलवेढ़ा स्थित स्कूल में पढ़ने जाता है। शनिवार सुबह उसके माता-पिता उसे स्कूल छोड़ने गए थे। स्कूल से लौटते समय प्रथमेश ST बस क्रमांक 9405 से मंगलवेढ़ा से सोलापुर की ओर जा रहा था।
बच्चे के साथ क्या हुआ?
जब बस मंगलवेढ़ा-सोलापुर हाईवे पर दामाजी कारखाना पाटी के सामने पहुंची, तब कंडक्टर ने प्रथमेश से बस पास दिखाने को कहा। बच्चे ने बैग में पास ढूंढा, लेकिन उसे याद आया कि वह पास घर पर ही भूल गया है। उसने कंडक्टर को पूरी बात बताते हुए कहा कि वह अपने पिता को फोन कर पैसे मंगवा सकता है। हालांकि कंडक्टर ने उसकी एक न सुनी और पैसे या पास न होने का हवाला देकर बस रोककर प्रथमेश को सीधे हाईवे पर उतार दिया।
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हाईवे पर उतरे बच्चे की दहशत
पास और पैसे के बिना हाईवे पर उतारे जाने से प्रथमेश डर गया और रोने लगा। कुछ देर बाद उसने सड़क से गुजर रहे वाहनों को हाथ दिखाया। सौभाग्य से एक दोपहिया वाहन चालक ने उसे उसके गांव ब्रह्मपुरी तक सुरक्षित पहुंचा दिया।
यात्रियों की गुहार भी ठुकराई
बस में प्रथमेश के पास बैठी एक महिला यात्री ने कंडक्टर से अनुरोध किया कि उसके पास अपने टिकट के अलावा केवल 15 रुपये हैं, वही ले लें और बच्चे को सफर करने दें। लेकिन यह कहकर कि पूरे किराए से 11 रुपये कम हैं, कंडक्टर ने महिला की अपील भी ठुकरा दी।
शिकायत दर्ज, कार्रवाई का आश्वासन
घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रथमेश ने अपने पिता राहुल पाटिल को पूरी बात बताई। इसके बाद माता-पिता ने मंगलवेढ़ा ST डिपो प्रमुख के पास औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। डिपो प्रशासन और ST प्रशासन की ओर से मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
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ST कॉर्पोरेशन द्वारा स्कूल विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुफ्त या रियायती पास की सुविधा दी गई है। इसके बावजूद एक छोटे छात्र को हाईवे पर उतारना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि उसकी जान से सीधा खिलवाड़ भी है। ST कर्मचारियों की इस तरह की अमानवीय हरकत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
