

Malvan Nagar Parishad Election Results: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले के मालवण नगर परिषद चुनाव में 'राणे बनाम राणे' की लड़ाई ने पूरे राज्य का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की ममता वरदकर ने बीजेपी उम्मीदवार को 1019 वोटों से शिकस्त दी। नीलेश राणे की सटीक योजना ने नितेश राणे के तमाम प्रयासों को विफल कर दिया।
राज्य चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, 2 दिसंबर 2025 को हुए मतदान के बाद 21 दिसंबर को वोटों की गिनती की गई। मालवण नगर परिषद के नतीजों ने सबको चौंका दिया, जहां एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने न केवल मेयर पद जीता, बल्कि 20 में से 10 पार्षदों की सीटों पर भी कब्जा जमाया। इस जीत के साथ मालवण नगर परिषद पर शिवसेना का भगवा झंडा एक बार फिर शान से लहरा रहा है। जीत का अंतर 1019 वोटों का रहा, जो नीलेश राणे की जमीनी पकड़ को दर्शाता है।
इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता राणे भाइयों विधायक नीलेश राणे और मंत्री नितेश राणे के बीच का सीधा मुकाबला था। दोनों भाइयों ने अपनी-अपनी पार्टियों (शिवसेना और बीजेपी) के उम्मीदवारों को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। चुनाव के दौरान माहौल तब और गरमा गया जब नीलेश राणे ने बीजेपी उम्मीदवार के घर के भीतर पैसों के लेन-देन का एक 'स्टिंग ऑपरेशन' कर राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी। नीलेश राणे ने सीधे तौर पर नितेश राणे और बीजेपी पर 'पैसे की बाढ़' लाने का आरोप लगाया, जबकि उन्होंने खुद को विकास के मुद्दे पर केंद्रित रखा।
मालवण के इस हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भी पैनी नजर थी। नीलेश राणे को मुख्यमंत्री शिंदे का पूरा समर्थन और संसाधन प्राप्त थे, जिससे उनका आत्मविश्वास बना रहा। दूसरी ओर, नितेश राणे ने इस चुनाव में अपना सारा समय, ऊर्जा और संसाधन लगा दिए थे, लेकिन परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहे। मालवण की जनता ने अंततः नीलेश राणे के नेतृत्व और उनकी विकासवादी सोच पर भरोसा जताया। नितेश राणे के लिए यह हार एक बड़े राजनीतिक झटके के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि यह उनके प्रभाव वाले क्षेत्र में उनके अपने भाई से मिली सीधी शिकस्त है।