
शिंदे सेना ने सभी सीटों पर उतारे उम्मीदवार (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nagpur Municipal Elections: नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव के लिए महायुति तथा महाविकास आघाड़ी के घटक दलों के बीच जिले में किसी भी तरह का गठबंधन नहीं हो पाया। सरकार में शामिल भाजपा ने अपने सहयोगी दलों को कोई महत्व नहीं दिया। वहीं कांग्रेस ने भी स्थानीय नेताओं को सभी अधिकार देकर पल्ला झाड़ लिया।
इसी कारण, निकाय चुनाव के पहले चरण में होने वाले नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव में सभी पार्टियां अपने-अपने उम्मीदवार स्वतंत्र रूप से उतार रही हैं। महायुति के घटक दलों में शामिल एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने सभी 27 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में अपने नगराध्यक्ष पद के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने का निर्देश दिया है। सभी उम्मीदवारों को ए-बी फॉर्म भी दे दिए गए हैं। यह जानकारी विधायक और चुनाव प्रभारी कृपाल तुमाने ने दी।
उन्होंने बताया कि भाजपा के साथ कई दौर की चर्चा की गई और प्रयास था कि चुनाव साथ मिलकर लड़ा जाए, लेकिन भाजपा की ओर से कोई निर्णय नहीं आया। इसलिए पार्टी ने सभी सीटों पर अध्यक्षों के साथ सदस्यों को भी स्वतंत्र रूप से मैदान में उतारने का फैसला किया है। हालांकि, उम्मीदवारों के नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। सभी उम्मीदवार 17 नवंबर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे।
लोकसभा और विधानसभा चुनावों में गठबंधन कर साथ लड़ने वाली महायुति और महाविकास आघाड़ी के घटक दल अब नगर परिषद व नगर पंचायत चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ उतर रहे हैं। दो चुनावों में सहयोगी रहे ये दल इस बार सीधे मुकाबले में दिखेंगे।
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हालांकि, सभी दलों के शीर्ष नेता इसे “मैत्रीपूर्ण लड़ाई” बता रहे हैं। तुमाने ने भी कहा कि सभी सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन यह एक मैत्रीपूर्ण मुकाबला होगा। यानी चुनाव परिणाम के बाद नगर परिषद और नगर पंचायतों में सत्ता स्थापित करने के लिए फिर से मित्र दलों का साथ लिया जा सकता है।






