

पुणे : महाराष्ट्र के वरिष्ठ राजनेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा स्थगित करने की मांग को लेकर पुणे में आंदोलन कर रहे उम्मीदवारों का समर्थन करते हुए कहा है कि आंदोलनकारियों की मांग जायज है। साथ ही सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि राज्य सरकार इस मामले में अपना रुख स्पष्ट नहीं करती है तो वह इस प्रदर्शन में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
आपको बता दें कि एमपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा 25 अगस्त को होगी। इस परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी मंगलवार रात से ही परीक्षा की अलग तिथि तय करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, क्योंकि उसी दिन एक बैंकिंग परीक्षा भी है। एक दिन में दो बड़ी परीक्षाएं होने से एक परीक्षा छूट सकती है।
इसके पहले राकांपा (एसपी) के विधायक रोहित पवार भी इस प्रदर्शन में शामिल हो गए और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों के साथ बैठ गए। वहीं राकांपा (एसपी) के प्रमुख ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर बुधवार रात एक पोस्ट में कहा, ''एमपीएससी परीक्षा देने वाले छात्रों के हितों पर विचार करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है... हालांकि, ऐसा लगता है कि वह इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। यदि कल (बृहस्पतिवार) तक सरकार अपना रुख स्पष्ट नहीं करती है तो मैं आंदोलन स्थल पर जाऊंगा और अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन में शामिल हो जाऊंगा।''
शरद पवार ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की यह भी मांग है कि एमपीएससी परीक्षा के माध्यम से ही कृषि विभाग के 258 पदों पर नियुक्तियां की जाएं। एमपीएससी के एक अभ्यर्थी ने कहा कि वे चाहते हैं कि कृषि विभाग के 258 पदों को एमपीएससी परीक्षा के दायरे में लाया जाए।
प्रदर्शन कर रहे छात्र ने कहा कि राज्य में 25 अगस्त को निर्धारित एमपीएससी परीक्षा के साथ-साथ उसी दिन लिपिक पदों के लिए भारतीय बैंकिंग कार्मिक चयन (आईबीपीएस) परीक्षा भी है इसलिए एमपीएससी परीक्षा स्थगित कर दी जानी चाहिए, क्योंकि कई छात्रों ने दोनों ही परीक्षाओं के लिए आवेदन किया है। उनके लिए एक ही दिन में दोनों परीक्षाएं देना संभव नहीं है।
-एजेंसी इनपुट के साथ