मोबाइल की लास्ट लोकेशन से मिला घटनास्थल, अंबेनली की 800 फीट गहरी खाई में मुश्किल भरा रेस्क्यू ऑपरेशन
Ambenali Ghat Accident: महाबलेश्वर के अंबेनली घाट में 800 फीट गहरी खाई में गिरी एसयूवी कार। मोबाइल की लास्ट लोकेशन की मदद से घटनास्थल का पता चला, जिसके बाद 8 युवकों के शव को रेस्क्यू किया गया।
- Written By: अनिल सिंह
अंबेनली घाट हादसे में मोबाइल लोकेशन से मिला घटनास्थल (फोटो क्रेडिट-X)
Ambenali Ghat Accident Update: महाराष्ट्र के सबसे खतरनाक पहाड़ी रास्तों में शुमार महाबलेश्वर रोड के अंबेनली घाट ने एक बार फिर कई हंसते-खेलते परिवारों के चिराग बुझा दिए हैं। सतारा के रहने वाले सात दोस्त और रत्नागिरी का उनका एक साथी वीकेंड मनाने के लिए दापोली के हार्ने गए हुए थे। रविवार की रात करीब 2:00 बजे सभी लोग अपनी एसयूवी कार में सवार होकर वापस सतारा के लिए निकले थे। रात के अंधेरे और संभवतः कोहरे या मोड़ का अंदाजा न मिलने के कारण पोलादपुर के नजदीक अंबेनली घाट पर चालक ने कार पर से नियंत्रण खो दिया और गाड़ी सीधे 800 फीट नीचे पाताल जैसी गहरी खाई में समा गई।
सोमवार की सुबह तक इस हादसे के बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं थी। जब सुबह देर गए तक युवक अपने घर नहीं पहुंचे और उनके मोबाइल फोन भी बंद आने लगे, तो घबराए परिजनों ने तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवकों के मोबाइल नंबरों का कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) और लास्ट लोकेशन निकाली। जैसे ही सभी मोबाइलों की आखिरी लोकेशन पोलादपुर के पास अंबेनली घाट दिखाई दी, पुलिस की धड़कनें बढ़ गईं और तुरंत एक खोजी दल को घाट की ओर रवाना किया गया।
महाबलेश्वर की रेस्क्यू टीमों ने संभाला मोर्चा
सोमवार सुबह जब पुलिस और स्थानीय ‘महाबलेश्वर ट्रेकर्स‘ की टीम ने घाट के किनारों से नीचे झांका, तो सैकड़ों फीट नीचे एक सफेद रंग की एसयूवी कार पूरी तरह चकनाचूर हालत में दिखाई दी। इसके बाद रेस्क्यू टीमों ने रस्सियों और विशेष स्ट्रेचर की मदद से इस बेहद दुर्गम और सीधी ढलान वाली 800 फीट गहरी खाई में उतरने का जोखिम भरा काम शुरू किया। पहाड़ी रास्ता पथरीला और झाड़ियों से भरा होने के कारण शवों को ऊपर लाने में रेस्क्यू टीम के पसीने छूट रहे हैं। शुरुआती कुछ घंटों में 2 शवों को बाहर निकाल लिया गया है और बाकी की तलाश जारी है।
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इन अभागों ने गंवाई अपनी जान
इस दिल दहला देने वाले हादसे में जान गंवाने वाले युवकों की पहचान हो चुकी है। मृतकों में रितेश लोखंडे (उम्र 22 वर्ष), सुहास लोखंडे (उम्र 20 वर्ष), उत्कर्ष शिंगटे (उम्र 21 वर्ष), निखिल शिंगटे (उम्र 25 वर्ष), महेश पवार (उम्र 25 वर्ष), आदित्य सालुंखे (उम्र 21 वर्ष) और राजेश काटकर (उम्र 35 वर्ष) शामिल हैं, जो सभी सतारा के निवासी थे। वहीं, आठवां युवक अंश चव्हाण (उम्र 19 वर्ष) रत्नागिरी का रहने वाला था। सभी युवक अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे, जिनकी इस अकाल मौत से सतारा और रत्नागिरी जिलों में मातम पसर गया है।
अंबेनली घाट में पहले भी हो चुके हैं बड़े हादसे
यह पहली बार नहीं है जब अंबेनली घाट में ऐसा कोई बड़ा हादसा हुआ हो। इससे पहले भी कोंकण कृषि विश्वविद्यालय के 30 से अधिक कर्मचारियों की बस इसी घाट में गिरने से सामूहिक मौत हो गई थी। स्थानीय प्रशासन द्वारा बार-बार चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षा दीवारें (क्रैश बैरियर) बनाने के दावों के बावजूद, इस घाट पर रात के समय होने वाली दुर्घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पोलादपुर पुलिस ने इस संबंध में आकस्मिक दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा जा रहा है।
