

Ebola Virus Pune Airport Screening: संक्रामक और अत्यधिक घातक माने जाने वाले इबोला वायरस ने एक बार फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। अफ्रीका महाद्वीप में इस वायरस के कारण हो रही मौतों के बाद भारत सरकार पूरी तरह सतर्क मोड में आ चुकी है। चूंकि पुणे एक बड़ा औद्योगिक और शैक्षणिक केंद्र है, जहां हर दिन सैकड़ों की संख्या में विदेशी नागरिक और अंतरराष्ट्रीय यात्री आते हैं, इसलिए पुणे के लोहेगांव अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एहतियाती सुरक्षा उपायों को बेहद कड़ा कर दिया गया है।
हवाई अड्डा प्रशासन और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से एयरपोर्ट के अराइवल टर्मिनल (Arrival Terminal) पर एक विशेष मेडिकल डेस्क और स्क्रीनिंग जोन स्थापित किया है। डॉक्टरों की एक विशेष टीम यहां तैनात की गई है, जो विदेश से लैंड करने वाले हर यात्री के स्वास्थ्य इतिहास और शारीरिक तापमान की बारीकी से जांच कर रही है।
पुणे हवाई अड्डे के अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, चूंकि पुणे के लिए अफ्रीका से सीधे कोई उड़ान नहीं है, इसलिए अफ्रीकी देशों से आने वाले अधिकांश यात्री दुबई या बैंकॉक के रास्ते कनेक्टिंग फ्लाइट्स लेकर पुणे पहुंचते हैं। यही वजह है कि दुबई और बैंकॉक से आने वाली सभी उड़ानों के यात्रियों की थर्मल गन और अत्याधुनिक कैमरों के जरिए इबोला वायरस की अनिवार्य स्क्रीनिंग की जा रही है। यात्रियों को अपनी हालिया यात्रा (Travel History) और स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भी भरना पड़ रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इबोला एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जो इंसानों में संक्रमित जानवरों (जैसे चमगादड़ या बंदरों) के सीधे संपर्क में आने से फैलती है। एक बार मानव शरीर में प्रवेश करने के बाद, यह वायरस पीड़ित के खून, लार, पसीने और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के जरिए दूसरे इंसानों में बहुत तेजी से फैलता है। इसके शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, अत्यधिक कमजोरी, मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द और गले में खराश शामिल हैं। गंभीर स्थिति होने पर मरीज के शरीर के आंतरिक और बाहरी हिस्सों से रक्तस्राव (Bleeding) होने लगता है, जिससे मृत्यु दर 50% से 90% तक पहुंच जाती है।
पुणे महानगरपालिका (PMC) के स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अंतरराष्ट्रीय अलर्ट को लेकर किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक (घबराएं) न हों। हवाई अड्डे पर की जा रही यह स्क्रीनिंग केवल एक एहतियाती उपाय है ताकि देश की सीमाओं के भीतर इस वायरस के प्रवेश को पूरी तरह से रोका जा सके। हवाई अड्डे के साथ-साथ पुणे के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में भी किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए विशेष आइसोलेशन वार्ड (Isolation Wards) और पीपीई किट्स की व्यवस्था दुरुस्त कर ली गई है।