मराठवाड़ा को मिलेगा अपना रेलवे मंडल? सांसद संदीपान भुमरे ने रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड को भेजा प्रस्ताव
Sandipan Bhumre Proposal: मराठवाड़ा के रेल विकास को गति देने के लिए सांसद संदीपान भुमरे ने अलग रेलवे मंडल बनाने की मांग की। इससे उद्योग, पर्यटन, रोजगार और यात्री सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
संदीपनराव भुमरे (फाइल फोटो)
Sandipan Bhumre Proposal Demand: मराठवाड़ा के रेल विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से छत्रपति संभाजीनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद संदीपान भुमरे ने केंद्रीय रेल मंत्री तथा रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष को पत्र भेजकर मराठवाड़ा के लिए पृथक रेलवे मंडल की स्थापना की मांग की है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से उपेक्षित मराठवाड़ा को अलग रेलवे मंडल मिलने से नई रेल परियोजनाओं को गति मिलेगी, औद्योगिक और पर्यटन क्षेत्र का विस्तार होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सांसद ने इस प्रस्ताव पर विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कर केंद्र सरकार के समक्ष शीघ्र प्रस्तुत करने का आग्रह किया है।
मंडल के अधीन होने से विकास की गति प्रभावित
रेल मंत्री को भेजे गए पत्र में सांसद भुमरे ने उल्लेख किया है कि दक्षिण मध्य रेलवे की नांदेड़ में आयोजित वार्षिक समीक्षा बैठक में मराठवाड़ा के रेल विकास से जुड़े अनेक मुद्दे उठाए गए थे। इसके बावजूद क्षेत्र को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिल रही है।
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वर्तमान में छत्रपति संभाजीनगर सहित मराठवाड़ा का अधिकांश रेल क्षेत्र नांदेड़ मंडल के अधीन होने के कारण स्थानीय आवश्यकताओं, नई रेल परियोजनाओं, आधारभूत ढांचे के विस्तार तथा यात्री सुविधाओं से जुड़े निर्णय समय पर नहीं हो पाते। इसका सीधा असर क्षेत्र के समग्र विकास पर पड़ रहा है।
अलग रेलवे मंडल से होंगे अनेक लाभ
सांसद भुमरे ने पत्र में कहा है कि यदि मराठवाड़ा के लिए पृथक रेलवे मंडल स्थापित किया जाता है तो नई रेल परियोजनाओं, नई ट्रेनों, रेल लाइनों के दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशनों के आधुनिकीकरण तथा रखरखाव संबंधी निर्णय स्थानीय स्तर पर अधिक तेजी और प्रभावी ढंग से लिए जा सकेंगे। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ रेलवे प्रशासन की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
पर्यटन और उद्योग को मिलेगा नया आधार
प्रस्ताव में कहा गया है कि मराठवाड़ा देश के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों का केंद्र है। अजंता, एलोरा, दौलताबाद, पैठण, औंढा नागनाथ, परली वैजनाथ सहित अनेक ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों तक बेहतर रेल संपर्क विकसित होने से पर्यटन को नई गति मिलेगी। विशेष पर्यटन रेलगाड़ियों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।
सांसद ने यह भी कहा कि दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (डीएमआईसी) के अंतर्गत शेंद्रा-बिडकीन औद्योगिक क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश हो रहा है। ऐसे में माल ढुलाई, रेल साइडिंग, माल टर्मिनल, पिट लाइन और आधुनिक लॉजिस्टिक सुविधाओं का तेजी से विकास आवश्यक है। अलग रेलवे मंडल बनने से उद्योगों की परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और निवेश को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
रोजगार और प्रशासनिक व्यवस्था होगी मजबूत
पत्र में कहा गया है कि नए रेलवे मंडल की स्थापना से रेलवे कार्यालय, रखरखाव केंद्र तथा अन्य प्रशासनिक इकाइयों की स्थापना होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यात्रियों की शिकायतों का त्वरित समाधान होगा और रेलवे सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
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DPR तैयार कर केंद्र से स्वीकृति दिलाने का आग्रह
सांसद संदीपान भुमरे ने रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड से आग्रह किया है कि मराठवाड़ा के लिए पृथक रेलवे मंडल की स्थापना के संबंध में शीघ्र विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार कराया जाए तथा केंद्र सरकार की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा जाए।
उन्होंने कहा कि यह निर्णय मराठवाड़ा में रेल अवसंरचना, यात्री सुविधाओं, पर्यटन, उद्योग, रोजगार और समग्र क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने वाला साबित होगा।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
