हर्षल पाटिल की आत्महत्या नहीं ‘सरकार द्वारा की गई हत्या’! रोहित पवार का आरोप
Rohit Pawar On Maharashtra Government: युवा ठेकेदार हर्षल पाटिल की आत्महत्या पर विधायक रोहित पवार ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि 'सरकार द्वारा की गई हत्या' बताया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
हर्षल पाटिल की आत्महत्या नहीं 'सरकार द्वारा की गई हत्या'! (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Rohit Pawar On Maharashtra Government: सांगली ज़िले के वाल्वा तालुका के तंदुलवाड़ी निवासी एक युवा ठेकेदार हर्षल पाटिल ने सरकारी काम का बिल समय पर न मिलने पर आत्महत्या कर ली। महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार महासंघ और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि ‘सरकार द्वारा की गई हत्या’ बताया है। पवार ने कहा कि यह स्पष्ट है कि जल जीवन मिशन योजना के तहत किए गए काम के लिए सरकार द्वारा उन पर 1.40 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बकाया होने और लिए गए कर्ज से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।
हर्षल पाटिल ने जल जीवन मिशन के तहत गांवों में जलापूर्ति का काम किया था। काम पूरा होने के बाद भी सरकार बिल का भुगतान नहीं कर रही थी। पाटिल ने इस काम के लिए कर्ज लिया था। एक तरफ काम का पैसा अटका हुआ था, वहीं दूसरी तरफ कर्ज का पहाड़ बढ़ता जा रहा था। इस दोहरे संकट से उत्पन्न मानसिक पीड़ा के कारण उन्होंने अपनी जान दे दी।
एक लाख ठेकेदारों को गुमराह किया
विधायक रोहित पवार ने कहा, हर्षल पाटिल को शुरुआत में समय पर पैसा मिला, लेकिन बाद में अधिकारियों ने ‘पैसे नहीं’ कहना शुरू कर दिया। आज राज्य में ठेकेदारों का 90,000 करोड़ रुपये तक बकाया है। दुर्भाग्य से, हर्षल पाटिल जैसे छोटे ठेकेदारों पर इसका बोझ डाला जा रहा है। हम लगातार इस पैसे के भुगतान की मांग कर रहे हैं। चुनाव जीतने के लिए ‘लाड़की बहिन’ जैसी योजनाएं जल्दबाजी में लाई जाती हैं, लेकिन विकास कार्य करने वाले ठेकेदारों को हवा में छोड़ दिया जाता है। सरकार ने राज्य के एक लाख ठेकेदारों को गुमराह किया है।
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ठेकेदार महासंघ ने भी जताया रोष
रोहित पवार ने यह भी चेतावनी दी है कि सरकार सभी ठेकेदारों का बकाया तुरंत भुगतान करे, अन्यथा सरकार के खिलाफ मामला दर्ज करना पड़ेगा। इस घटना के बाद, महाराष्ट्र राज्य ठेकेदार महासंघ ने भी आक्रामक रुख अपनाया है और सरकार की देरी के कारण ठेकेदारों पर आत्महत्या करने का आरोप लगाया है।
आमदार व विधिमंडळ पक्षनेते जयंतराव पाटील ह्यांनी १८ मार्च २०२५ रोजी, “कंत्राटदारांची थकबाकी द्या नाहीतर आत्महत्यांचं सत्र सुरु होईल…” अशी सरकारला ताकीद दिली होती… सरकारने ही मागणी वेळीच गांभीर्यपूर्वक ऐकली असती तर आज हर्षल जिवंत असता! pic.twitter.com/70lecxKoKZ — Nationalist Congress Party – Sharadchandra Pawar (@NCPspeaks) July 24, 2025
सुप्रिया सुले ने क्या कहा
तो वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद चंद्र पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि किसानों और शिक्षकों के बाद अब व्यापारियों को भी इस सरकार की नीतियों के कारण आत्महत्या का रास्ता अपनाना पड़ रहा है, यह बेहद निंदनीय है। इस सरकार ने एक समृद्ध राज्य को सचमुच बदहाल बना दिया है। समाज के सभी वर्ग हताश हैं। महाराष्ट्र के लिए यह उचित नहीं है कि व्यापारियों को अपने बकाये के लिए अदालत जाना पड़े। उनके बकाये का तुरंत भुगतान करने के लिए तत्काल निर्णय लिया जाना चाहिए।
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हर्षल पाटिल ने क्यों की आत्महत्या
जल जीवन मिशन योजना में कार्यरत एक युवा ठेकेदार के आत्महत्या करने का समय आ गया है। इसके पीछे की वजह सामने आ गई है। यह घटना सांगली ज़िले के वाल्वा तालुका के तंदुवाड़ी में हुई। इस गांव के एक युवा ठेकेदार हर्षल पाटिल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह 35 साल के थे। वह एक साहसी युवा ठेकेदार के रूप में जाने जाते थे। लेकिन उनके साथ कुछ बुरा हुआ और उन्हें अपनी जान देनी पड़ी।
किसी भी ठेकेदार का कोई बिल बकाया नहीं: अजित पवार
इस दौरान उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा, “हमने उन्हें कोई ठेका नहीं दिया था। हालांकि, पुलिस किसी व्यक्ति की मौत या आत्महत्या के पीछे के सटीक कारणों की जांच कर रही है। उनके मोबाइल की भी जांच की जा रही है। क्या मोबाइल में कुछ और है? क्या उन्होंने कुछ लिखा है? उन्होंने किसे फ़ोन किया था? पुलिस सारी जानकारी इकट्ठा करेगी।”
उन्होंने कहा, “लेकिन जो घटना घटी है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने उसे काम नहीं दिया था। मुख्य ठेकेदार कोई और था। यह उपठेकेदार उसके अधीन था। उपठेकेदार को भुगतान करने का कोई सवाल ही नहीं है। किसी भी ठेकेदार का कोई बिल बकाया नहीं है, इस पर आज सुबह बैठक में चर्चा हुई।”
