Pune-Pimpri की हवा ‘बेहद खराब’, हिंजवड़ी-वाकड क्षेत्र में AQI 305 पहुंचा

Pune AQI Index: पुणे-पिंपरी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। वाकड में AQI 305 दर्ज, हिंजवड़ी सबसे प्रदूषित क्षेत्र बना। दीपावली के बाद हालात और बिगड़ने की आशंका जतायी जा रही है।
पुणे-पिंपरी क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। वाकड में AQI 305 दर्ज, हिंजवड़ी सबसे प्रदूषित क्षेत्र बना। दीपावली के बाद हालात और बिगड़ने की आशंका जतायी जा रही है।
पुणे एक्य़ूआई (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune AQI On Diwali: पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ क्षेत्र में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण हवा की गुणवत्ता बेहद खराब स्तर पर पहुंच गई है। विशेष रूप से हिंजवड़ी और वाकड क्षेत्र, जहां सबसे अधिक आवासीय प्रकल्प हैं।

वहां को हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित पाई गई है। इस कारण इन इलाकों में रहने वाले लोगों में वसन रोगों का खतरा बढ़ गया है। दीपावली के दौरान पटाखों की आतिशबाजी से प्रदूषण और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, रविवार दोपहर 4 बजे पुणे क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 305 दर्ज किया गया, जो वाकड के भूमकर चौक पर नापा गया था।

पुणे क्षेत्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 305

यह स्तर बेहद खराब श्रेणी में आता है। इसके बाद पुणे के शिवाजीनगर स्थित म्हाडा कॉलोनी में AQI 244 दर्ज हुआ। अन्य क्षेत्रों में -पाषाण (121), सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय (116), निगडी (108) और हडपसर (88) रही इन आंकड़ों के अनुसार, हडपसर क्षेत्र की हवा की गुणवत्ता 'संतोषजनक' है, जबकि पाषाण, विद्यापीठ और निगडी की हवा 'मध्यम' श्रेणी में आती है। वहीं म्हाडा कॉलोनी और वाकड-हिंजवड़ी क्षेत्र की हया 'खराब' से 'बेहद खराब' श्रेणी में है।

इस विषय पर राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने बिता जताते हुए कहा कि हिंजवड़ी क्षेत्र में हवा की गुणवता लगातार गिर रही है। इस खराब हवा से स्थानीय नागरिकों, छात्रों और आईटी कर्मचारियों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। हिंजवडी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य चल रहे है, जिससे सड़कों पर धूल फैल रही है।

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