Shivaji Tipu Sultan row (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Political Controversy: टीपू सुल्तान को छत्रपति शिवाजी महाराज के “समकक्ष” बताने वाली कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल की टिप्पणी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं ने रविवार को पुणे में कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उसके सदस्यों पर पथराव किया।
महाराष्ट्र में सियासी विवाद खड़ा कर देने वाली सपकाल की टिप्पणियों की निंदा करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन के बाहर प्रदर्शन किया। एहतियातन इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। शनिवार को मालेगांव महानगरपालिका की उप-महापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान का चित्र लगाए जाने को लेकर विवाद हुआ था। शिवसेना के पार्षदों और कुछ हिंदू संगठनों ने इस पर आपत्ति जताई थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और ‘स्वराज’ के विचार का उल्लेख करते हुए अंग्रेजों के खिलाफ टीपू सुल्तान के संघर्ष का उदाहरण दिया और दावा किया कि उनकी लड़ाई शिवाजी महाराज के आदर्शों से प्रेरित थी। इससे पहले, कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के नेता सचिन सावंत ने भाजपा पर “दोहरे मापदंड” अपनाने और ध्रुवीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
एक बयान में सावंत ने दावा किया कि भाजपा नेताओं ने पहले सार्वजनिक मंचों पर 18वीं शताब्दी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में अकोला महानगरपालिका में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें स्थायी समिति हॉल का नाम ‘शहीद-ए-वतन शेर-ए-मैसूर टीपू सुल्तान’ रखने की बात कही गई थी।
सावंत ने यह भी दावा किया कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने टीपू सुल्तान के मकबरे का दौरा किया था और आगंतुक पुस्तिका में उनकी प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी कर्नाटक विधानसभा में टीपू सुल्तान का उल्लेख किया था।
उधर, भाजपा नेताओं ने सपकाल की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। भाजपा की पुणे इकाई के अध्यक्ष धीरज घाटे ने पर्वती थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के उपाध्यक्ष मोहन जोशी ने दावा किया कि नव-निर्वाचित महापौर मंजुषा नागपुरे सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कांग्रेस भवन के बाहर एकत्र हुए और प्रदर्शन के दौरान पत्थर फेंके गए, जिससे दो कार्यकर्ता घायल हो गए।
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पुलिस उपायुक्त (जोन एक) कृषिकेश रावले ने कहा कि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हस्तक्षेप किया। टीपू सुल्तान इतिहास की एक विवादास्पद हस्ती माने जाते हैं। जहां एक वर्ग अंग्रेजों के खिलाफ उनकी वीरता की सराहना करता है, वहीं दूसरा वर्ग दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में हिंदुओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के आरोपों के कारण उनकी आलोचना करता है। इसके विपरीत, छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी सैन्य प्रतिभा, प्रशासनिक कौशल और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)