BJP vs AIMIM on Tipu Sultan (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Waris Pathan On Tipu Sultan: महाराष्ट्र में टीपू सुल्तान के इतिहास और उनकी विरासत को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक घमासान अब एक बड़े टकराव में तब्दील हो गया है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से किए जाने के बाद जहाँ पूरे राज्य में भाजपा विरोध प्रदर्शन कर रही है, वहीं अब इस विवाद में AIMIM नेता वारिस पठान भी कूद पड़े हैं। पठान ने भाजपा और आरएसएस पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्हें उन देशभक्तों से नफरत है जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।
वारिस पठान ने मुंबई में मीडिया से बात करते हुए कहा कि दक्षिणपंथी विचारधारा के लोग असल में नफरत की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया कि टीपू सुल्तान एक ऐसे योद्धा थे जिन्होंने अंग्रेजों को धूल चटाई और देश के लिए शहीद हुए। पठान ने भाजपा की देशभक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग आज टीपू सुल्तान का विरोध कर रहे हैं, उन्हें असल में गांधी के हत्यारे से प्यार है।
VIDEO | Mumbai: AIMIM leader Waris Pathan said on the Tipu Sultan row, "What problem do they have with Tipu Sultan? Why do they have issues? Why is there so much hatred? Tipu Sultan was someone who was martyred while fighting the British. He defeated the British. If you look at… pic.twitter.com/swBSyYesFK — Press Trust of India (@PTI_News) February 15, 2026
वारिस पठान ने ऐतिहासिक तथ्यों को सामने रखते हुए कहा कि 1950 में डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा तैयार किए गए भारत के मूल संविधान के पृष्ठ संख्या 144 (अध्याय 16) पर टीपू सुल्तान का चित्र अंकित है। उनके अनुसार, उसी संविधान में रानी लक्ष्मीबाई और अन्य महापुरुषों की तस्वीरें भी हैं। पठान ने सवाल किया, “अगर हमारे संविधान निर्माताओं को टीपू सुल्तान से कोई समस्या नहीं थी और उन्होंने उन्हें राष्ट्रीय नायक के रूप में जगह दी, तो आज भाजपा को उनकी तस्वीरों और इतिहास से इतनी नफरत क्यों है?”
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पठान ने भाजपा और संघ पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें नथुराम गोडसे और विनायक दामोदर सावरकर जैसे लोगों से लगाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि सावरकर ने जेल में रहते हुए अंग्रेजों को कई बार ‘माफीनामा’ (Mercy Petition) लिखा था, जबकि टीपू सुल्तान ने कभी घुटने नहीं टेके। पठान ने कहा, “आप गोडसे से प्यार करते हैं जिसने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की हत्या की, लेकिन उस टीपू सुल्तान का विरोध करते हैं जिसकी प्रशंसा खुद गांधीजी और मौलाना अबुल कलाम आजाद ने की थी।”
इस बीच, कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल के बयान के खिलाफ भाजपा का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। पुणे, अहिल्यानगर और मुंबई समेत कई शहरों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सपकाल के पुतले फूंके और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। मामला तब और बिगड़ गया जब अहिल्यानगर में कुछ प्रदर्शनकारियों ने सपकाल की जीभ काटने पर इनाम तक घोषित कर दिया। इस राजनीतिक ध्रुवीकरण ने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर दी है, जहाँ एक ओर कांग्रेस और एआईएमआईएम इतिहास का बचाव कर रही हैं, वहीं भाजपा इसे अस्मिता का मुद्दा बता रही है।