Nashik cultural event (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Cultural Event: गोदातट की पावन भूमि पर 4 दिवसीय विश्व मराठी सम्मेलन का भव्य आयोजन 26 फरवरी से 1 मार्च तक किया जाएगा। सम्मेलन के मुख्य कार्यक्रम 27, 28 फरवरी और 1 मार्च को नासिक स्थित मराठा विद्या प्रसारक मंडल के महाविद्यालय परिसर में आयोजित होंगे। 27 फरवरी को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हाथों सम्मेलन का उद्घाटन किया जाएगा।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा सुनेत्रा पवार प्रमुख रूप से उपस्थित रहेंगी। यह जानकारी उद्योग एवं मराठी भाषा मंत्री उदय सामंत ने पत्रकार परिषद में दी। पत्रकार परिषद से पूर्व सम्मेलन कार्यालय का उद्घाटन भी किया गया।
हालांकि सम्मेलन के मुख्य सत्र तीन दिन चलेंगे, लेकिन कार्यक्रमों की शुरुआत 26 फरवरी से होगी। इस दिन राज्य की विभिन्न मराठी बोलियों का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा तथा रात में चर्चित नाटक ‘आमने-सामने’ का मंचन होगा।
27 फरवरी की सुबह प्रख्यात साहित्यकार कुसुमाग्रज (वि. वा. शिरवाडकर) के निवास स्थान से भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसके बाद शाम को उद्घाटन समारोह संपन्न होगा। उद्घाटन से पूर्व साहित्य भूषण, कलारत्न सहित नवप्रारंभित विशेष पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। रात में सुप्रसिद्ध गायक राहुल देशपांडे का संगीतमय कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेगा।
28 फरवरी को ‘मनाचे श्लोक’ का सामूहिक वाचन, लोककलाओं की प्रस्तुतियां, परिसंवाद, एआई तकनीक और मराठी भाषा पर विशेष सत्र, योग प्रशिक्षण तथा वारकरी संप्रदाय के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 1 मार्च को लोककला कार्यक्रम, मराठी ग़ज़ल कट्टा, चित्रकारों, लेखकों और निर्देशकों के संवाद सत्र आयोजित होंगे। समापन दिवस पर लोकप्रिय फोक आख्यान कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा।
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मंत्री सामंत ने बताया कि सम्मेलन में विदेशों से 500 से अधिक उद्यमी और कलाकार भाग लेंगे। मराठा विद्या प्रसारक संस्था के सहयोग से इस भव्य आयोजन को साकार किया जा रहा है। सम्मेलन की वेबसाइट का भी उद्घाटन किया गया।
राज्य सरकार के मराठी भाषा विभाग की पहल पर आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य मराठी भाषा के वैश्विक प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना, समाज में मराठी संवाद की संस्कृति को सशक्त करना तथा दैनिक जीवन में मराठी के अधिकाधिक उपयोग को प्रोत्साहित करना है। ‘अभिजात मराठी’ इस सम्मेलन की केंद्रीय अवधारणा है। सम्मेलन में मराठी संस्कृति, भाषा, नाट्य-संगीत, वादन और विविध कला रूपों का प्रदर्शन तथा समसामयिक विषयों पर चर्चासत्र आयोजित किए जाएंगे।