Congress BJP allegation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Maharashtra Political News: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के नेता सचिन सावंत ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर “दोहरे मापदंड” अपनाने और ध्रुवीकरण का एजेंडा चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने यह आरोप प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से किए जाने संबंधी टिप्पणी पर भाजपा की आलोचना के बीच लगाया।
एक बयान में कांग्रेस प्रवक्ता ने कई उदाहरणों का हवाला देते हुए दावा किया कि भाजपा नेताओं ने पहले सार्वजनिक स्थानों और आधिकारिक मंचों पर 18वीं सदी के मैसूर शासक टीपू सुल्तान के संदर्भों का समर्थन या अनुमोदन किया था। उन्होंने अकोला और मुंबई के नगर निकायों में पारित प्रस्तावों के साथ-साथ पूर्व के उन उदाहरणों का उल्लेख किया, जहां भाजपा नेताओं ने कथित रूप से टीपू सुल्तान की प्रशंसा की थी और उनसे जुड़ाव दर्शाया था। उन्होंने कहा कि पार्टी का वर्तमान विरोध राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
सावंत ने कहा कि भाजपा पहले टीपू सुल्तान की प्रशंसा करती थी, लेकिन अब अपने ध्रुवीकरण के एजेंडे के लिए उन्हें बुरा बता रही है। उन्होंने दावा किया, “इस पाखंड को क्या नाम दिया जाए? टीपू सुल्तान भगवान राम के नाम वाली अंगूठी पहनते थे।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब धार्मिक विभाजन पैदा करने की रणनीति के तहत टीपू सुल्तान को नकारात्मक रूप से प्रस्तुत कर रही है, जबकि पहले पार्टी के नेताओं ने उनकी प्रशंसा की थी। कांग्रेस नेता ने सत्तारूढ़ पार्टी पर “विकृत धार्मिक राजनीति” में लिप्त होने और मतदाताओं को ध्रुवीकृत करने का प्रयास करने का भी आरोप लगाया।
भाजपा पर “दोहरे मापदंड” का आरोप लगाते हुए सावंत ने कहा कि वर्ष 2012 में अकोला नगर निगम में एक प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसमें स्थायी समिति हॉल का नाम ‘शहीद-ए-वतन शेर-ए-मैसूर टीपू सुल्तान’ रखने की बात कही गई थी।
मालेगांव नगर निगम की उपमहापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान का चित्र लगाए जाने को लेकर शनिवार को राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जिसका वहां के शिवसेना पार्षदों और हिंदू संगठनों ने विरोध किया।सावंत ने दावा किया कि भाजपा नेता एवं कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने टीपू सुल्तान के मकबरे का दौरा किया था और आगंतुक पुस्तिका में उनकी प्रशंसा में टिप्पणी लिखी थी।
बुलढाणा में संवाददाताओं से बात करते हुए सपकाल ने मालेगांव महानगरपालिका की उपमहापौर के कार्यालय में टीपू सुल्तान का चित्र लगाए जाने के विवाद पर कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की वीरता और ‘स्वराज’ के विचार की तरह ही टीपू सुल्तान ने भी अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष का आह्वान किया था।इस टिप्पणी पर मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करना निंदनीय है और कांग्रेस नेता को इस पर आत्मचिंतन करना चाहिए।
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टीपू सुल्तान इतिहास की एक विवादास्पद हस्ती माने जाते हैं। जहां एक वर्ग अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई में उनकी वीरता की सराहना करता है, वहीं दूसरा वर्ग दक्षिण भारत के कई हिस्सों में हिंदुओं के साथ कथित दुर्व्यवहार के लिए उनकी आलोचना करता है। इसके विपरीत, छत्रपति शिवाजी महाराज को उनकी सैन्य प्रतिभा, परोपकार और सामाजिक कल्याण आधारित प्रशासनिक कौशल के लिए व्यापक रूप से सराहा जाता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)