पुणे में थर्मामीटर से भी ज्यादा खतरनाक है 'हीट स्ट्रेस' का स्तर; वैज्ञानिकों ने दी जनस्वास्थ्य संकट की चेतावनी

Pune Heat Stress: पुणे में थर्मामीटर के तापमान से कहीं अधिक खतरनाक 'हीट स्ट्रेस' बढ़ रहा है। आईआईएसईआर और आईएमडी के वैज्ञानिकों ने डब्ल्यूबीजीटी पद्धति से अध्ययन कर स्वास्थ्य संकट की चेतावनी दी है।
A study by IISER and IMD scientists using the WBGT method warns that rising heat stress in Pune is far more dangerous than what a regular thermometer indicates.
पुणे 'हीट स्ट्रेस (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Pune Heat Stress IMD Climate Warning: आईटी हब पुणे सहित देश में बढ़ती गर्मी अब केवल मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य संकट का संकेत बन रही है। वैज्ञानिकों की एक टीम ने चेतावनी दी है कि शहर में महसूस की जाने वाली वास्तविक गर्मी थर्मामीटर में दर्ज तापमान से कहीं अधिक खतरनाक हो सकती है।

हालिया अध्ययन में सामने आया कि केवल तापमान के आंकड़ों के आधार पर गर्मी का आकलन पर्याप्त नहीं है, क्योंकि आर्द्रता, हवा और सूर्य की तीव्रता जैसे कारक भी शरीर पर प्रभाव डालते हैं। इस अध्ययन के दौरान पुणे शहर के तीन अलग-अलग स्थानों पर डब्ल्यूबीजीटी मीटर लगाए गए और तापमान में होनेवाले बदलावों को रिकॉर्ड किया गया। यह प्रणाली मूल रूप से अमेरिकी सेना ने सैनिकों को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए विकसित किया था।

गर्म हवाओं से स्थिति गंभीर

पुणे शहर में कई दिनों तक सामान्य तापमान होने के बावजूद हीट स्ट्रेस का स्तर खतरनाक श्रेणी में पहुंच जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, दोपहर 1 से 3 बजे के बीच स्थिति सबसे अधिक गंभीर रहती है। दक्षिण दिशा से आने वाली गर्म हवाएं इस तनाव को और बढ़ा देती हैं। इसका सीधा असर मजदूरों, ट्रैफिक पुलिस, डिलीवरी कर्मियों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।

अमेरिका ने किया था प्रयोग

  • डब्ल्यूबीजीटी पद्धति से अध्ययनः आईएमडी, फर्गुसन कॉलेज और आईआईएसईआर पुणे के शोधकर्ताओं ने वेट-बल्ब ग्लोब टेम्परेचर (डब्ल्यूबीजीटी) पद्धति अपनाई। यह तापमान के साथ आर्द्रता, हवा की गति और सूर्य की तीव्रता को भी मापती है। इसे अमेरिकी सेना ने सैनिकों को हीट स्ट्रोक से बचाने के लिए विकसित किया था।
  • हीट स्ट्रेस के स्तरः अध्ययन में पुणे के लिए तीन स्तर तय किए गए हैं। 31.5°C निम्न, 32°C मध्यम और 33°C अत्यधिक हीट स्ट्रेस। कई बार सामान्य तापमान भी शरीर के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है।

शहरी नियोजन पर चेतावनी

वैज्ञानिकों ने कहा कि तेजी से बढ़ते कंक्रीट निर्माण, हरित क्षेत्रों की कमी और जलवायु परिवर्तन से अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव बढ़ रहा है। उन्होंने हरियाली बढ़ाने, छायादार स्थान बनाने और हीट एक्शन प्लान को मजबूत करने की अपील की।

पुणे में गर्मी का खतरा थर्मामीटर के आंकड़ों से कहीं बड़ा है। बढ़ता 'हीट स्ट्रेस' और कंक्रीट का जाल जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर चेतावनी है, जिसे रोकने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने होंगे।

- डॉ. जॉय मेरविन मोंटेरियो, मुख्य शोधकर्ता (आईआईएसईआर, पुणे)

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