मुंबई में सभी पेड़ों का होगा वैज्ञानिक सर्वेक्षण, BMC तैयार करेगी जोखिम आधारित ट्री डेटाबेस
Mumbai BMC Tree Census: मुंबई में पेड़ों का वैज्ञानिक सर्वे कर उन्हें तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा। वहीं, मेयर रितु तावड़े ने चेंबूर हादसे की जांच IIT बॉम्बे से कराने की मांग की।
- Written By: रूपम सिंह
बीएमसी बैठक (सोर्स- सोशल मीडिया)
Mumbai Environment Survey: मुंबई में पेड़ों के संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बीएमसी अब शहर के सभी पेड़ों का वैज्ञानिक सर्वेक्षण कराएगी। इस सर्वेक्षण के आधार पर पेड़ों को अत्यधिक खतरनाक, खतरनाक और स्वस्थ श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। इसके साथ ही पेड़ों की आयु, प्रजाति, स्वास्थ्य, संरचनात्मक स्थिति और जीवनकाल का विस्तृत डेटाबेस भी तैयार किया जाएगा।
इस संबंध में शुक्रवार को अतिरिक्त मनपा आयुक्त डॉ. अविनाश ढाकणे की अध्यक्षता में वृक्ष विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों, वनस्पति वैज्ञानिकों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बता दें कि पिछले वृक्ष सेंसस में मुंबई में करीब 29 लाख के आसपास पेड़ मौजूद है। हालांकि नई सेंसस होने के बाद यह आंकड़ा बदल सकता है।
वृक्ष विशेषज्ञों की मदद से होगा व्यापक सर्वेक्षण
बैठक में निर्णय लिया गया कि मुंबई के सभी वार्डों में वनस्पति विज्ञान के विद्यार्थियों और वृक्ष विशेषज्ञों की मदद से व्यापक सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वेक्षण के आधार पर ऐसे पेड़ों की पहचान की जाएगी, जिनसे भविष्य में दुर्घटना की आशंका हो सकती है। साथ ही विकास कार्यों के कारण काटे जाने वाले पेड़ों के बदले नए पौधे यथासंभव मुंबई में ही लगाने और उपयुक्त प्रजातियों का चयन करने पर भी जोर दिया गया।
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22 जून से 6 जुलाई 2026 के बीच तेज हवाओं के कारण मुंबई में 830 पेड़ गिर गए, जिनमें 480 पेड़ निजी परिसरों में स्थित थे। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 1,238 शाखाएं टूटकर गिर चुकी हैं, जिनमें 709 निजी परिसरों की थीं। इन घटनाओं को देखते हुए पेड़ों की नियमित निगरानी और वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की आवश्यकता पर बल दिया गया।
कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण
विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि पेड़ों की छंटाई के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाए, आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाए तथा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
बैठक में मुंबई शहर के विभिन्न हिस्सों में बायोडायवर्सिटी जोन विकसित करने, स्थानीय जैव विविधता के अनुरूप वृक्षारोपण बढ़ाने, बांस के पौधों का रोपण प्रोत्साहित करने तथा जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक वृक्ष प्रबंधन नीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। बीएमसी ने स्पष्ट किया कि बैठक में मिले सुझावों के आधार पर जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।
चेंबूर हादसे की जांच करेगी आईआईटी बॉम्बे
शुक्रवार को महापौर रितू तावड़े ने नवभारत को बताया कि चेंबूर में स्कूल बस पर पीपल का पेड़ गिरने से 11 वर्षीय विहान श्रीवास्तव के मौत के बाद मालवदे समिति की रिपोर्ट को बीएमसी सदन में खारिज कर दिया गया।
इस मामले में वह आयुक्त अश्विनी भिड़े को जल्द ही पत्र लिखने वाली है और मांग करने वाली है कि चेंबूर हादसे की जांच आईआईटी बॉम्बे या वीजेटीआई से कराई जाए, ताकि पेड़ गिरने का सही कारण पता चल सके।
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पवई में गिरा पेड़, कार क्षतिग्रस्त, कोई जनहानि नहीं
पवई स्थित आईआईटी मेन गेट के पास फूलोरा सोसायटी में शुक्रवार को एक पेड़ गाड़ी पर गिर गया। घटना की सूचना सुबह 11:49 बजे कंट्रोल रूम को मिली। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस और संबंधित वार्ड का स्टाफ मौके पर पहुंच गया।
पेड़ गिरने से कार को नुकसान पहुंचा, हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र को घेरकर पेड़ हटाने का कार्य तत्काल शुरू किया गया। दोपहर 12:40 बजे तक ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि पेड़ की कटाई और हटाने का काम जारी था। घटना के कारणों की जांच की जा रही है।
