अजित पवार विमान हादसा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Rohit Pawar Social Media Post: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर विमान हादसे के बहाने आरोपों के तीर चलने शुरू हो गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े विमान हादसे के मामले में सनसनीखेज दावे किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के जरिए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए मामले की CBI जांच की मांग की है। उनकी पोस्ट के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
रोहित पवार ने दावा किया कि दिल्ली में एक समारोह से लौटते समय महाराष्ट्र के एक बड़े नेता ने VSR के विमान का उपयोग किया। उनके अनुसार, प्राइवेट चार्टर टर्मिनल पर वीएसआर के मालिक वीके सिंह स्वयं उस नेता के स्वागत के लिए मौजूद थे और उन्होंने नेता के निजी सहायक को कुछ दस्तावेज भी सौंपे।
दिल्लीत पत्रकार रजत शर्मा यांच्या मुलीच्या लग्नाच्या रिसेप्शनला गेलेला महाराष्ट्रातला अत्यंत मोठा नेता VSR च्या विमानाने परत येतो, प्रायव्हेट चार्टर टर्मिनलवर त्या नेत्याला VSR चा मालक व्ही. के. सिंग रिसिव्ह करतो, त्या नेत्याशी हस्तांदोलन करतो, त्या नेत्याच्या पीएच्या हातात काही… pic.twitter.com/T6vd6cj40R — Rohit Pawar (@RRPSpeaks) April 10, 2026
शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि अजित पवार विमान हादसा में मृत पायलट कपूर का पुत्र उस विमान का पायलट था, जिसे लेकर उन्होंने संदेह जताया। उन्होंने कहा कि अजित पवार की मौत के मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। वीके सिंह का बचाव करने के बजाय इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। संबंधित विमान से यात्रा करने से भी बचना चाहिए।
रोहित पवार ने आगे आरोप लगाया कि वीके सिंह, जो पहले केवल विमान सेवा तक सीमित थे, अब आंध्र प्रदेश की तरह महाराष्ट्र में भी बड़े प्रोजेक्ट्स में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। यदि यह जानकारी सही है, तो यह राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
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सत्तारूढ़ दल की भूमिका पर सवाल उठाते हुए रोहित पवार ने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद सरकार का केवल AAIB (एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) की रिपोर्ट का इंतजार करना चिंताजनक है। उन्होंने इस पूरे मामले की सीबीआई से विस्तृत जांच कराने की मांग की है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज होने के संकेत हैं।