4 लाख वारकरी, 600 दिंडियां: त्र्यंबकेश्वर यात्रा के लिए पहली बार कुंभ-आधारित प्लानिंग

Tryambakeshwar Yatra: सिंहस्थ कुंभ मेला अवधि को ध्यान में रखते हुए श्री संत निवृत्तिनाथ महाराज यात्रा की विशेष योजना बनाई जा रही है। यात्रा में करीब 4 लाख वारकरी व 600 दिंडियों के आने की संभावना है।
400,000 Warkaris, 600 processions: Kumbh-based planning for the Trimbakeshwar pilgrimage for the first time
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
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Kumbh Mela Planning:  त्र्यंबकेश्वर इस साल जिला प्रशासन पहली बार सिंहस्थ कुंभ मेला पीरियड को ध्यान में रखते हुए श्री संत निवृत्तिनाथ महाराज यात्रा की प्लानिंग कर रहा है। उम्मीद है कि यात्रा के दौरान चार लाख वारकरी भक्त और 600 दिंड्या आएंगे। कुंभ मेला पीरियड में भीड़ और आपदा को ध्यान में रखते हुए, यात्रा के दौरान डिजास्टर मैनेजमेंट बनाए रखा जाएगा।

यह यात्रा को लेकर अब तक हुई मीटिंग्स से साफ है। सरकारी लेवल पर प्रांतीय अधिकारियों की मौजूदगी में एक मीटिंग हुई, उसके बाद श्री संत निवृत्तिनाथ महाराज संस्थान की तरफ से एक मीटिंग हुई। उसके बाद मेयर त्रिवेणी तुंगार की मौजूदगी में एक मीटिंग हुई। नगर पालिका ने निर्मल वारी के लिए डेढ़ करोड़ का बजट बनाया है, यानी नगर पालिका को सरकार से इतनी ग्रांट मिलती है।

मनपा प्रशासन से भक्तों के लिए सुविधाएं बढ़ाने की मांग

निर्मल वारी का कॉन्सेप्ट पिछले पांच सालों से संत निवृत्तिनाथ यात्रा के दौरान लागू किया जा रहा है। दो साल पहले, मौजूदा डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने संत निवृत्तिनाथ यात्रा के दौरान श्री संत निवृत्तिनाथ मंदिर एरिया में सुविधाएं देने पर ज्यादा ध्यान दिया था। तब नगर पालिका ने मंदिर एरिया में दी जाने वाली सुविधाओं की रकम बढ़ा दी थी। दो साल पहले, नगर पालिका ने श्री संत निवृत्तिनाथ मंदिर एरिया में दर्शन के लिए 13 लाख रुपये और पिछले साल 21 लाख रुपये की ग्रांट देने की योजना बनाई थी। श्री संत निवृत्तिनाथ मंदिर ट्रस्ट ने पिछली मीटिंग में सरकार और नगर पालिका से पिछले साल से दोगुनी सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। संत निवृत्तिनाथ यात्रा को ध्यान में रखते हुए मटन फिश मार्केट को शिफ्ट करके बंद कर दिया गया था।

मंदिर ट्रस्ट की शिकायत

पिछली मीटिंग्स में मंदिर ट्रस्ट की तरफ से शिकायत की गई है कि यात्रा के दिन भीड़ ज्यादा होने के बावजूद कुशावर्त चौक से संत निवृत्तिनाथ मंदिर एरिया में पालकी रथ को निकलने में दिक्कत होती है। इसे देखते हुए नगर पालिका भी कब्ज़ा हटाने जा रही है।

संत निवृत्तिनाथ मंदिर एरिया में अल्पबचत भवन को छोड़कर, पिछले MLA के फंड से सरकार ने दो बिल्डिंग बनाई हैं। उन्हें भी वारकरियों को देने की मांग वारकरियों और संगठनों ने सरकार के सामने रखी है। लेकिन अभी तक मान्य नहीं हुआ है।

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