
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Pune News In Hindi: लंबे समय से प्रतीक्षित पुणे-शिरूर एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना को लेकर आखिरकार प्रक्रिया आगे बढ़ने लगी है। महाराष्ट्र राज्य अवसंरचना विकास निगम (MSIDC) के सूत्रों के मुताबिक इसके लिए वेलस्पन एंटर प्रा लि सबसे कम बोली लगाने वाली (11) कंपनी के रूप में सामने आई है, लेकिन कंपनी की बोली अनुमानित लागत से 40% अधिक रही है, जिसके चलते अब एमएसआई डीसी और कंपनी के बीच बातचीत शुरू हो गई है।
जिसके अनुसार यह परियोजना पुणे से छत्रपति संभाजी नगर तक आधुनिक एक्सप्रेस वे नेटवर्क के रूप में विकसित की जाएगी, जिसे 3 चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहले चरण में पुणे-शिरूर एलिवेटेड कॉरिडोर, दूसरे चरण में शिरूर से संभाजी नगर तक ग्रीनफोल्ड और तीसरे चरण में पुणे से शिरूर तक ग्रीनफील्ड एक्स्प्रेस वे का निर्माण किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि बातचीत सफल रहने घर जल्द ही परियोजना का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा, सरकार का उद्देश्य है कि सभी तकनीकी और वित्तीय औपचारिकताओं के पूरा होते ही इस परियोजना को 2026 के अंत तक क्रियान्वित कर दिया जाए। यह कॉरिडोर राज्य के अवसंरचना विकास में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है और पुणे को एक नए लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रस्तावित पुणे-छत्रपति संभाजी नगर एक्सप्रेस वे का एक कथित नक्शा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जमीन मार्केट में अचानक हलचल मच गई है। इस नक्शे में हाईवे के संभावित मार्ग को दिखाया गया है, जिसके बाद निवेशकों, बिल्डरों और बिचौलियों में उस इलाके में जमीन खरीदने की होड़ मच गई है।
वहीं, किसानों और भूमि मालिकों में चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। यह नक्शा कथित रूप से महाराष्ट्र स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSIDC) से लीक हुआ बताया जा रहा है। लेकिन विभाग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करने से इनकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि हाईवे की योजना अभी प्रारंभिक चरण में है और कोई भी फाइनल मार्ग तय नहीं किया गया है।
MSIDC अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल प्राथमिक ध्यान पहले चरण पुणे-शिरूर एलिवेटेड कॉरिडोर पर है, क्योंकि यह एक्सप्रेस वे के पूरे नेटवर्क का आधार बनेगा, इसके पूर्ण होने के बाद ही दूसरे और तीसरे चरण पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
यह परियोजना पुणे और मराठवाड़ा के बीच तेज और सुगम यात्रा सुनिक्षित करेगी। साथ ही औद्योगिक विकास को भी बढ़ावा देगी। यह मार्ग पुणे शहर के बढ़ते यातायात दबाव को कम करेगा और शिरूर सहित आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर संपर्क प्रदान करेगा।
बावजूद इसके नक्शे के वायरल होने से कई लोग संभावित रास्ते के आसपास की जमीन खरीदने के लिए सक्रिय हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, पुणे और संभाजी नगर के बीच प्रस्तावित यह हाईवे राज्य के सबसे बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में से एक होगा।
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माना जा रहा है कि इसके बनने से दोनों शहरों के बीच सफर का समय काफी कम हो जाएगा और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन, नक्शे के सार्वजनिक हो जाने से पहले ही ग्रामीण इलाकों में जमीनों की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी देखी जा रही है।
कुछ किसानों का कहना है कि उन्हें यह नहीं बताया गया है कि उनकी जमीन परियोजना के तहत आएगी या नहीं। कई लोगों ने अफवाहों के डर से कम दामों पर अपनी जमीन बेच दी। अब जब मामला सुर्खियों में है, तो उन्हें अपने निर्णय पर पछतावा हो रहा है।






