राहुल गांधी की बातों पर अमित शाह को क्यों आ रही हंसी... संसद में अब कैसी सियासत शुरू हो गई?

Amit Shah And Rahul Gandhi : अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी संसद में किसानों की सुरक्षा की बात करते हैं तो मुझे हंसी आती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का देश को गुमराह करने का लंबा इतिहास रहा है।
Why is Amit Shah laughing at Rahul Gandhi remarks in Parliament?
अमित शाह और राहुल गांधी।
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Amit Shah On Rahul Gandhi : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा प्रहार करते हुए उन पर किसानों और पशुपालकों के बीच व्यापार समझौतों को लेकर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। गांधीनगर में देश की पहली डिजिटल मुद्रा (CBDC) आधारित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के शुभारंभ के अवसर पर शाह ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों में भारतीय कृषि और डेयरी क्षेत्र के हितों पर कोई आंच नहीं आने दी है।

संसद में किसानों के मुद्दों पर राहुल गांधी के बयानों का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि जब कांग्रेस के शहजादा किसानों की सुरक्षा की बात करते हैं तो मुझे हंसी आती है। कांग्रेस का इतिहास ही गुमराह करने का रहा है। उन्होंने विपक्षी दल के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ होने वाले व्यापारिक समझौतों से भारतीय किसानों को नुकसान होगा।

डेयरी और कृषि क्षेत्र को 'कवच'

अमित शाह ने देश के किसानों, मछुआरों और पशुपालकों को सीधे संबोधित करते हुए आश्वस्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर समझौते में भारतीय हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की है। राहुल गांधी के इस आरोप पर कि समझौते डेयरी सेक्टर को तबाह कर देंगे। शाह ने कहा कि यह सरासर झूठ है। हमने डेयरी क्षेत्र को कमजोर नहीं, बल्कि उसका विस्तार किया है। हर ट्रेड डील में इस क्षेत्र को पूर्ण संरक्षण दिया गया है।

बहस की खुली चुनौती

गृह मंत्री यहीं नहीं रुके उन्होंने राहुल गांधी को इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दे डाली। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल जी, आप कोई भी मंच चुन लीजिए। हमारे भाजपा युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी आपसे इस विषय पर बहस कर सकते हैं कि किसने किसानों का भला किया और किसने उन्हें नुकसान पहुंचाया।

बदलते व्यापारिक समीकरण

हाल में भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में बड़ी प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातचीत के बाद भारतीय वस्तुओं पर लगने वाले अमेरिकी शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा भारत और यूरोपीय संघ ने भी अपने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत लगभग पूरी कर ली है। इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है।

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