'आधी रात' में ATS की बड़ी स्ट्राइक, आतंकी साजिश नाकाम, महाराष्ट्र के 21 ठिकानों पर तलाशी, हिरासत में दर्जनों

Maharashtra ATS Raid: महाराष्ट्र एटीएस ने यवतमाल और अहिल्यानगर में 21 ठिकानों पर छापेमारी कर 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया। कट्टरपंथी नेटवर्क के खुलासे की आशंका।
Terror Suspects Detained By ATS in Maharashtra
Terror Suspects Detained By ATS in Maharashtra (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
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Terror Suspects Detained By ATS in Maharashtra: महाराष्ट्र में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल करते हुए रविवार को राज्य के दो प्रमुख जिलों में व्यापक छापेमारी की। महाराष्ट्र आतंकवाद विरोधी दस्ते (ATS) ने यवतमाल और अहिल्यानगर (अहमदनगर) के कुल 21 ठिकानों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ विदेशी आतंकी संगठनों के संपर्क में आकर राज्य के युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें सक्रिय करने की कोशिश की जा रही है।

इस गुप्त ऑपरेशन के दौरान एटीएस ने अब तक 12 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थानों पर पूछताछ की जा रही है।

आधी रात को शुरू हुआ 'ऑपरेशन क्लीन स्वीप'

एटीएस को विशिष्ट खुफिया इनपुट मिला था कि यवतमाल और अहिल्यानगर के कुछ इलाकों में युवाओं का ब्रेनवॉश किया जा रहा है। इसी सूचना के आधार पर जिला पुलिस के साथ मिलकर एटीएस ने शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात को छापेमारी शुरू की। यवतमाल जिले के पुसद और उमरखेड़ शहरों में 14 स्थानों पर तलाशी ली गई, जबकि अहिल्यानगर में 7 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस बड़े अभियान को अंजाम देने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

आपत्तिजनक दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त

तलाशी के दौरान एटीएस की टीमों ने संदिग्धों के घरों और कार्यालयों से कई महत्वपूर्ण चीजें बरामद की हैं।

डिजिटल सबूत: संदिग्धों के पास से कई मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।

दस्तावेज: छापेमारी में कुछ आपत्तिजनक साहित्य और दस्तावेज मिले हैं, जो कथित तौर पर कट्टरपंथी विचारधारा और आतंकी नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे हैं।

CCTV फुटेज: टीमों ने संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए पिछले कुछ दिनों के सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले लिए हैं।

कट्टरपंथी नेटवर्क को ध्वस्त करने की कोशिश

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभी तक इस मामले में किसी की औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन हिरासत में लिए गए लोगों से गहन पूछताछ जारी है।

मुख्य उद्देश्य: एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन युवाओं का हैंडलर कौन है और उन्हें क्या लक्ष्य दिए गए थे।

संगठनों की संलिप्तता: शुरुआती जांच में कुछ प्रतिबंधित संगठनों के स्लीपर सेल के सक्रिय होने का संदेह जताया जा रहा है।

अलर्ट पर राज्य: इस कार्रवाई के बाद पूरे महाराष्ट्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ युवाओं के कट्टरपंथीकरण की सूचनाएं पहले भी आती रही हैं।

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