Pune-PCMC मनपा चुनाव में ओबीसी आरक्षण पर बवाल, फर्जी कुणबी प्रमाणपत्र से जीत का आरोप

Pune और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनावों में ओबीसी आरक्षित सीटों पर फर्जी ‘कुनबी’ प्रमाणपत्रों के जरिए जीत का आरोप सामने आया है। ओबीसी संगठनों ने इसे सामाजिक न्याय की खुली अवहेलना बताया है।
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Pune News In Hindi: महाराष्ट्र की स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाले आरक्षण पर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

पुणे और पिंपरी-चिंचवड महानगरपालिका चुनावों में ओबीसी के लिए आरक्षित सीटों पर मराठा समाज के उम्मीदवारों द्वारा फर्जी 'कुणबी' प्रमाणपत्रों के जरिए कब्जा करने का गंभीर आरोप ओबीसी संगठनों ने लगाया है।

हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओबीसी संगठनों ने दावा किया कि दोनों महानगर पालिकाओं की कुल 52 ओबीसी आरक्षित सीटों पर मराठा समाज के उम्मीदवारों ने खुद को कुणबी बताकर जीत हासिल की है।

इस मौके पर मृणाल ढोले पाटील, सुरेश गायकवाड, आनंदा कुदले और नंदकुमार गोसावी सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे, जिन्होंने इस स्थिति पर कड़ा एतराज जताया।

सामाजिक न्याय की हुई खुली अवहेलना

ओबीसी संगठनों का आरोप है कि स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में ओबीसी के लिए निर्धारित 27 प्रतिशत आरक्षण को प्रभावशाली मराठा समाज द्वारा बड़े पैमाने पर हड़पा जा रहा है। प्राथमिक अध्ययन के अनुसार, करीब 66 से 75 प्रतिशत तक ओबीसी आरक्षित सीटों पर ऐसे उम्मीदवारों का कब्जा है जो वास्तव में सामाजिक, आर्थिक या शैक्षणिक रूप से पिछड़े नहीं हैं।

पुणे मनपा की 44 सीटें ओबीसी के लिए थीं आरक्षित

पुणे महानगर पालिका के आंकड़ों पर गौर करें तो यहां कुल 165 सीटों में से 44 सीटें ओबीसी के लिए आरक्षित है। आरोप है कि इनमें से 26 सीटों पर मराठा समाज के उम्मीदवारों ने स्वयं को कुणबी बताकर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की, जिनमें भारतीय जनता पार्टी के 17 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 9 नगरसेवक शामिल है। इसका सीधा अर्थ यह है कि पुणे में 60 प्रतिशत से अधिक ओबीसी आरक्षित सीटों पर वास्तविक ओबीसी समाज का प्रतिनिधित्व नहीं है।

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