'यह लाइन कभी खत्म क्यों नहीं होती मेरे भाई?' गैस की किल्लत को लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

Akhilesh Yadav Statement: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और 'सपा' सुप्रीमो अखिलेश यादव ने एलपीजी सिलेंडर की शॉर्टेज को लेकर सरकार पर निशाना साधा। सोशल मीडिया पर अखिलेश ने पोस्ट किया और सवाल दागा।
Akhilesh Yadav Statement
अखिलेश यादव ( सोर्स- नवभारत डिजाइन)
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Akhilesh Yadav On LPG Shortage: समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव सरकार पर निशाना साधने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते। इसी बीच जब पूरे देश में रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत चल रही है। तब अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है। इस पोस्ट के जरिए सरकार से सवाल भी पूछा है।

साथ ही सपा प्रमुख ने एक दूसरे पोस्ट में वीडियो भी शेयर किया जिसमें कई लोग सिलेंडर एजेंसी के बाहर लाइन लगाकर खड़े हुए दिख रहे हैं। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा कि भाजपा सरकार फेल हो गयी है और भाजपाई नेता नदारद हैं। अब क्या जनता के लिए भाजपाइयों के घरों से भोजन आएगा या भाजपाई पंडाल-पंगत लगाकर भूखी जनता का पेट भरेंगे।

भाजपा जाए तो चैन आए- अखिलेश यादव

अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए एक छोटा सा नारा भी दिया उन्होंने लिखा कि भाजपा जाए तो चैन आए। इसी पोस्ट में अखिलेश यादव ने दो वीडियो भी शेयर की जिसमें लोग सिलेंडर उठाते हुए भाग रहे हैं। अखिलेश यादव ने लिखा "भाजपा सरकार की देन पहले आधार की लाइन, फिर नोटबंदी की लाइन, फिर राशन की लाइन, फिर खाद की लाइन, फिर केवाईसी की लाइन, फिर एसआईआर की लाइन, और अब यह गैस की लाइन…भाजपा से त्रस्त परिवारवाले, भूख से तड़पते बच्चों को देखकर एक-दूसरे से पूछ रहे हैं कि यह लाइन कभी ख़त्म क्यों नहीं होती मेरे भाई?"

खाली हो गए भाजपा के अच्छे दिन

इस पोस्ट से करीब 2 घंटे पहले अखिलेश यादव एक वीडियो शेयर करते हैं। उस वीडियो में लोग सिलेंडर एजेंसी के सामने लाइन लगाए खड़े हुए हैं। वीडियो शेयर करते हुए सपा मुखिया लिखते हैं कि सिलेंडर की लाइन में घंटों लगने के बाद जब लोगों को यह बताया जा रहा है कि जब तक उपभोक्ता के पास DAC (Delivery Authentication Code) नंबर नहीं होगा तब तक गैस का सिलेंडर नहीं मिलेगा, तब जनता में रोष-आक्रोश तो जन्मेगा ही। जनता कह रही है अगर DAC के लिए गैस कंपनियों का सर्वर डाउन है तो हम क्या करें, सर्वर चलाना तो सरकार की ज़िम्मेदारी है। पुरानी पासबुक दिखाने के बहाने सिलेंडर न देना अमानवीय है क्योंकि बच्चे-बुजुर्ग घरों में भूखे हैं।

उन्होंने आगे लिखा कि यह सारा खेल कालाबाज़ारी करनेवाले भाजपाई खेल रहे हैं। ब्लैकमार्केट में मजबूरी के मारे लोगों से उनकी मजबूरी के हिसाब से कई गुना तक दाम वसूले जा रहे हैं।कभी ऑक्सीजन के सिलेंडर के लिए जनता भटकी थी, अब खाने की गैस सिलेंडर के लिए भटक रही है। भाजपा ने परिवारवालों को भुखमरी के कगार पर लाकर अनाथ छोड़ दिया है। भाजपा सरकार फेल हो गयी है और भाजपाई नेता नदारद हैं। अब क्या जनता के लिए भाजपाइयों के घरों से भोजन आएगा या भाजपाई पंडाल-पंगत लगाकर भूखी जनता का पेट भरेंगे।