फडणवीस सरकार के घेरे में पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे! मुक्ताईनगर जमीन प्रकरण की एसआईटी जांच

Muktainagar Land Acquisition Controversy: मुक्ताईनगर जमीन अधिग्रहण मामले में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एसआईटी गठित की है।
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Jalgaon land scam allegations (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra SIT Probe: जलगांव जिले के मुक्ताईनगर में राष्ट्रीय राजमार्ग विस्तार से जुड़ी जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए राज्य सरकार ने महाराष्ट्र विधानसभा में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की घोषणा की है। इस एसआईटी की अगुवाई विभागीय आयुक्त प्रवीण गडम करेंगे। समिति तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर यह तय किया जाएगा कि मामले में एफआईआर दर्ज की जाए या नहीं।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में राज्य के पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। फडणवीस सरकार की आलोचना करने वाले खडसे इस समय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के विधायक हैं, जबकि उनकी पुत्रवधू केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार में मंत्री हैं।

जमीन खरीद-फरोख्त पर उठे सवाल

भाजपा विधायक मंगेश चव्हाण ने विधानसभा में आरोप लगाया कि जमीन अधिग्रहण की अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद भी जमीन की खरीद-फरोख्त की गई। उनका दावा था कि ऐसा करके कुछ लोगों ने भविष्य में मिलने वाले भारी मुआवजे का फायदा उठाने की कोशिश की।

ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर सरकार का जवाब

राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान कहा कि यह मामला कई विभागों और गांवों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी विस्तृत जांच आवश्यक है।

वहीं मंत्री चंद्रकांत पाटील ने भी मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मंत्री बावनकुले ने स्पष्ट किया कि अभी तक इस मामले में किसी को भी मुआवजा नहीं दिया गया है, इसलिए तत्काल एफआईआर दर्ज करना संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने माना कि अनियमितता की कोशिश हुई हो सकती है।

तीन महीने में आएगी रिपोर्ट

उन्होंने बताया कि यह मामला 6 विभागों और 9 गांवों से संबंधित है, इसलिए एसआईटी सभी पहलुओं की गहन जांच करेगी और तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। सरकार का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी, जिससे पूर्व मंत्री एकनाथ खडसे की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

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