

Pune Nagar Parishad Election: रविवार को पुणे जिले की विभिन्न नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव परिणामों ने जिले की राजनीतिक तस्वीर साफ कर दी है। इन परिणामों में स्पष्ट रूप से 'महायुति' का दबदबा देखने को मिला है।
जीत की घोषणा होते ही चाकण, आलंदी, इंदापुर और मालेगांव जैसे इलाकों में समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और पटाखों के साथ जश्न मनाया। कहीं विजय जुलूस निकले, तो कहीं समर्थकों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर बधाई दी।इन चुनाव परिणामों ने महाविकास आघाडी (एमवीए) के लिए खतरे की घंटी बजा दी है।
चाकण नगर परिषद के चुनाव में सहानुभूति और विकास के मुद्दे हावी रहे। दिवंगत पूर्व विधायक सुरेश गोरे की पत्नी मनीषा सुरेश गोरे ने शानदार जीत हासिल की है। मनीषा को कुल 14,905 मत मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी भाग्यश्री वाडेकर को 7,945 वोट ही मिल सके। मनीषा गोरे ने 6,960 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की। वहीं, चाकण नगर परिषद चुनाव में 13 सीटों पर जीत दर्ज कर शिवसेना (शिंदे गुट) ने अपनी सत्ता स्थापित की है। खेड तहसील के चाकण में हुआ यह चुनाव मुख्य रूप से शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस के बीच काफी रोमांचक रहा।
तीर्थनगरी आलंदी में भारतीय जनता पार्टी ने अपना दबदबा कायम रखा है। भाजपा के प्रशांत कुर्हाडे ने नगर अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रकाश कुर्हाडे को 6,690 वोटों से शिकस्त दी। कुल 21 सीटों में से 15 सीटों पर भाजपा के पार्षदों ने जीत दर्ज कर विपक्ष को पूरी तरह हाशिए पर धकेल दिया।
मंचर नगर पंचायत का मुकाबला सबसे रोमांचक रहा। यहां शिवसेना की राजश्री दत्ता गांजाले ने 4,135 मत प्राप्त कर नगर अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया। उन्होंने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी मोनिका बाणखेले को कड़े मुकाबले में हराया। हालांकि, पार्षदों की संख्या के मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजीत पवार) 8 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।