
पुणे महानगरपालिका चुनाव (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Pune News In Hindi: पुणे मनपा चुनाव के लिए नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब चुनावी तस्वीर साफ हो गई है। पुणे के कई वाडों में इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प और पेचीदा हो गया है, जहां कई जगहों पर चतुष्कोणीय और पंचकोणीय संघर्ष देखने को मिल रहा है।
इस बार 41 वार्डों की 165 सीटों के लिए कुल 1,165 उम्मीदवार मैदान में हैं। गठबंधन और मविआ के बीच सीटों के बंटवारे में हुए तालमेल की कमी और ‘एबी फॉर्म वितरण के दौरान मचे हंगामे के कारण कई सीटों पर मित्र दलों के उम्मीदवार ही एक-दूसरे के आमने-सामने हैं।
शिवाजीनगर क्षेत्र में भी पुरानी अदावत फिर से ताजा हो गई है, जहां भाजपा की रेश्मा भोसले और राष्ट्रवादी कांग्रेस के दत्ता बहिरट एक बार फिर आमने-सामने हैं, 2017 में रेश्मा भोसले ने बहिरट को हराया था।
इसी तरह स्थायी समिति के पूर्व अध्यक्ष बालासाहेब बोडके के खिलाफ भाजपा की डॉ। निवेदिता एकबोटे चुनाव लड़ रही हैं। सहकारनगर इलाके में छह बार के नगरसेवक आबा बागुल को भाजपा के महेश वाबले से कड़ी चुनौती मिल रही है, जबकि इसी क्षेत्र में राकांपा के वरिष्ठ नेता सुभाष जगताप के सामने भाजपा की वीणा घोष मैदान में हैं।
शहर की 13 महत्वपूर्ण सीटों पर कांटे की टक्कर होने की संभावना है जहां दिग्गज पूर्व नगरसेवक एक-दूसरे को चुनौती दे रहे है। सबसे चर्चित मुकाबला पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच है, भाजपा के गणेश बिडकर और रवींद्र धंगेक्कर के बीच लंबे समय से राजनीतिक संघर्ष रहा है।
2017 में बिडकर को हार का सामना करना पड़ा था और इस बार उनके सामने धमेकर के बेटे प्रणद मैदान में हैं। वहीं, कोथरुड और बालेवाडी क्षेत्र में भाजपा से बगावत कर राष्ट्रवादी कांग्रेस में शामिल हुए अमोल बालवडकर ने भाजपा के लह बालवडकर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
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