Pune Land Scam Case: शीतल तेजवानी को हाईकोर्ट से जमानत, पुलिस की चूक पर सख्त टिप्पणी
Pune Land Scam Case की कथित मास्टरमाइंड शीतल तेजवानी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। अदालत ने पुलिस की प्रक्रियात्मक चूक पर कड़ी टिप्पणी करते हुए गिरफ्तारी और रिमांड को अवैध ठहराया।
- Written By: अपूर्वा नायक
शीतल तेजवानी (सौ. सोशल मीडिया )
Pune Land Scam Case Sheetal Tejwani Bail: पुणे के चर्चित मुंढवा भूमि घोटाले में गिरफ्तार कथित मास्टरमाइंड Sheetal Tejwani को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान सामने आया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी को आरोपों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी। साथ ही, नियमानुसार पूर्व सूचना देने की प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया। इन प्रक्रियात्मक खामियों को अदालत ने बेहद गंभीर माना।
Pune Land Scam Case में गिरफ्तारी और रिमांड अवैध घोषित
अदालत ने 16 दिसंबर 2025 की गिरफ्तारी और उसके बाद जारी सभी रिमांड आदेशों को अवैध करार दिया। इसके अलावा 3 जनवरी 2026 की गिरफ्तारी और उससे जुड़े रिमांड आदेशों को भी निरस्त कर दिया गया। दोनों मामलों में याचिका स्वीकार करते हुए अदालत ने रिहाई के निर्देश दिए।
सम्बंधित ख़बरें
पुणे जहरीली शराब कांड: CID ने जांच के लिए तैनात की 10 टीमें, मेथेनॉल सप्लाई चेन के 2 मास्टरमाइंड रडार पर
प्री-मानसून ने छीना किसानों का निवाला, बारामती में ओलों की बारिश से फसलें तबाह, मुआवजे की पुकार
कुकड़ी क्षेत्र में गहराता जल संकट: डिंभे जलाशय का जलस्तर गिरने से उभरने लगा प्राचीन इतिहास
चुनावी वादे और खोखले आश्वासन: पवना बांध विस्थापितों का आक्रोश चरम पर, प्रशासन की सुस्ती पड़ रही भारी
जमानत के साथ सख्त शर्तें
अदालत ने शीतल तेजवानी को 50,000 रुपये के पीआर बॉन्ड और समान राशि के जमानतदार पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही, कई सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं। उन्हें साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करने, गवाहों को प्रभावित न करने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
जांच में सहयोग करना होगा अनिवार्य
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपित को चार्जशीट दाखिल होने तक जांच अधिकारी के सामने आवश्यकतानुसार उपस्थित रहना होगा और अदालत में नियमित हाजिरी देनी होगी।
ये भी पढ़ें :- नागपुर के सरकारी स्कूल में चल रहा था खौफनाक खेल! आधी रात पुलिस की रेड, कसाइयों के चंगुल से छुड़ाए गए 11 गौवंश
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
इस फैसले के बाद पुणे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले में जानबूझकर लापरवाही की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि अन्य मामलों में यदि कोई प्रकरण दर्ज है, तो उसमें आरोपी की हिरासत जारी रह सकती है।
