पुणे जमीन घोटाला: पार्थ पवार को पार्टनर शीतल तेजवानी के घर छापेमारी, अहम दस्तावेज बरामद

Pune Land Scam News: पुणे जमीन घोटाले में बवधन पुलिस ने मुख्य आरोपी शीतल तेजवानी के घर से अहम दस्तावेज बरामद किए। जांच में कई अनियमितताएं सामने आईं, प्रशासन ने गहन जांच के आदेश दिए हैं।
Pune Land Scam Raid On Sheetal Tejwani House
शीतल तेजवानी व पार्थ पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Pune Land Scam Raid On Sheetal Tejwani House: उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बेटे पार्थ पवार के जमीन घोटाला मामले में पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इस मामले में पार्थ की कंपनी के साथ 40 एकड़ की जमीन का सौदा करने वाली शीतल तेजवानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

पुणे जमीन घोटाले में बवधन पुलिस ने मुख्य आरोपी शीतल तेजवानी के बंद घर पर छापा मारकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रसीदें बरामद की हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन कागजातों में जमीन सौदों से जुड़े अहम प्रमाण शामिल हैं, जो पूरे प्रकरण में निर्णायक साबित हो सकते हैं।

कोरेगांव पार्क के फ्लैट से अहम दस्तावेज जब्त

पुलिस ने शीतल तेजवानी के कोरेगांव पार्क स्थित ऑक्सफोर्ड हॉलमार्क सोसाइटी के फ्लैट से दस्तावेज जब्त किए हैं। इस फ्लैट की वर्तमान में स्थिति पूरी तरह से बंद बताई जा रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शीतल तेजवानी पिछले चार दिनों से नजर नहीं आई और उसका मोबाइल भी बंद है। उपनिबंधक अधिकारी संतोष हिंगाणे द्वारा इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी।

शीतल तेजवानी फरार

एफआईआर में तेजवानी के अलावा दिग्विजय पाटिल (अमेडिया पार्टनर) और सब रजिस्ट्रार रविंद्र तारू के नाम भी शामिल हैं। पुलिस की जांच में यह बड़ी जानकारी सामने आई है कि तेजवानी देश में ही मौजूद है। बवधन पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज होने के बाद से तेजवानी अचानक लापता हो गई थी। इसके चलते पुलिस अब उसकी गिरफ्तारी और जांच के लिए कई उपाय कर रही है।

घोटाले की जांच में यह भी सामने आया है कि निलंबित तहसीलदार सूर्यकांत येवले ने कुछ दस्तावेजों को मंजूरी दी थी, जिससे घोटाले में उनकी भूमिका पर भी संदेह जताया जा रहा है। जिलाधिकारी ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और जांच टीम को निर्देश दिए गए हैं कि सभी दस्तावेजों और कागजातों की पुष्टि की जाए।

इस मामले में जमीन सौदों की रसीदों और दस्तावेजों में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कैसे और किस प्रकार किया गया।

Navbharat Live
navbharatlive.com