Pune Railway Station का मेगा रिमॉडलिंग, आधुनिक सिग्नलिंग और नए प्लेटफॉर्म जुड़ेंगे

Pune Junction का मेगा रिमॉडलिंग प्रोजेक्ट 2026 से शुरू होगा। स्टेशन पर 12 प्लेटफॉर्म, आधुनिक सिग्नलिंग और बेहतर यात्री सुविधाएं जुड़ेंगी, जिससे ट्रेनों की क्षमता और संचालन दोनों में बड़ा सुधार होगा।
Pune Railway Station
पुणे रेलवे स्टेशन (सौ. सोशल मीडिया )
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Beautification Of Pube Railway Station: शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक पुणे जंक्शन के लिए अगले कुछ वर्ष बड़े बदलाव लेकर आने वाले हैं।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार बहुप्रतीक्षित यार्ड रिमॉडलिंग प्रोजेक्ट का कार्य अक्टूबर-नवंबर 2026 तक शुरू होने की संभावना है। यह प्रोजेक्ट स्टेशन की क्षमता बढ़ाने, ट्रेन संचालन को अधिक व्यवस्थित करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

मौजूदा समय में स्टेशन पर कुल छह प्लेटफॉर्म

जैसा कि पुणे जंक्शन पर पहले से 6 प्लेटफार्म हैं। योजना के तहत स्टेशन पर 6 और प्लेटफार्म बन जाएंगे। इस प्रकार जंक्शन पर कुल 12 प्लेटफॉर्म होंगे। दो प्लेटफॉर्म लोकल ट्रेनों के लिए विशेष रूप से आरक्षित किए जाएंगे। मौजूदा समय में स्टेशन पर कुल छह प्लेटफॉर्म हैं, जिन्हें बरकरार रखते हुए उनकी लंबाई में बढ़ोतरी की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्टेशन परिसर में स्थित हेरिटेज बिल्डिंग को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा और उसका मूल स्वरूप संरक्षित रखा जाएगा।

रिमॉडलिंग का खाका लगभग तैयार

अधिकारियों के अनुसार यार्ड रिमॉडलिंग प्रोजेक्ट के लिए ब्लॉक, अभी तक प्लान नहीं किया गया है। लेकिन कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। आधुनिक सिग्नल प्रबंधन के लिए आवश्यक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (EI) बिल्डिंग पूरी तरह बनकर तैयार है। यह प्रणाली सिग्नल और प्वाइंट्स को कंप्यूटरीकृत नियंत्रण के जरिए संचालित करेगी, जिससे ट्रेनों के संचालन की सुरक्षा और गति में उल्लेखनीय सुधार होगा। इसी के साथ पार्सल ऑफिस के स्थानांतरण की तैयारी भी शुरू हो चुकी है ताकि स्टेशन के मुख्य क्षेत्र में ज्यादा जगह उपलब्ध हो और भविष्य की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।

प्लेटफॉर्म संरचना में बड़े बदलाव

वर्तमान में छह प्लेटफॉमों में से दो प्लेटफॉर्म पहले से ही फुल-लेथ है यानी कि इन दोनों प्लेटफार्म पर 24 बोगियों वाली ट्रेन खड़ी की जा सकती है। इसी के साथ दी और प्लेटफॉनों को भविष्य में विस्तार देकर फुल लेंथ बनाया जाएगा।

रिमॉडलिंग में 6 और फुल लेथ प्लेटफार्म जुड़ जाएंगे जिसके बाद पुणे जंक्शन पर प्लेटफॉर्मों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी, यार्ड रिमॉडलिंग का काम पूरा होने के बाद जंकान पर कुल 10 फुल लेथ और 2 शार्ट लेथ प्लेटफार्म क्रियान्वित हो आएंगे।

प्लानिंग के तहत 12 में से तीन प्लेटफॉर्म छू ट्रेनों के लिए होंगे, जिन पर ट्रेनें चगैर दिशा बदले सीधे गुजरेगी और 3 प्लेटफॉर्म का मुंबई की ओर हेड-पेड़ होगा, जिसका उपयोग दौड़ और मिरज दिशा से आने वाली ट्रेनों के रखरखाव के लिए भी किया जाएगा। नए बनाए जाने वाले सभी छह प्लेटफॉर्म फुल-लेथ होगे, जिनसे लंबी दूरी की ट्रेनों को संचालित किया जाएगा।

यात्रियों को होगा बड़ा फायदा

जाहिर है निर्माण अवधि के दौरान यात्रियों को कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। लेकिन प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद पुणे स्टेशन का रूप पूरी तरह बदल जाएगा।

यह स्टेशन उच्च क्षमता अत्याधुनिक तकनीक और बेहतर यात्री सुविधाओं से लैस एक आधुनिक रेलवे हब के रूप में उभरेगा। पुणे शहर की तेजी से बढ़ती जनसंख्या और यात्री दबाव को देखते हुए यह रिमॉडलिंग आने वाले दशकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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