
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (सोर्स-सोशल मीडिया)
PM-KISAN payout increase Budget 2026 expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी 2026 को पेश किए जाने वाले केंद्रीय बजट से देश के करोड़ों किसानों को बड़ी उम्मीदें हैं। विशेष रूप से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत मिलने वाली सालाना ₹6,000 की राशि में बढ़ोतरी को लेकर कयासों का बाजार गर्म है। बढ़ती महंगाई और खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए किसान संगठन लंबे समय से इस सम्मान निधि को दोगुना करने की मांग कर रहे हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक मुहर नहीं लगाई है, लेकिन बजट पूर्व चर्चाओं में यह मुद्दा सबसे ऊपर बना हुआ है।
फरवरी 2026 के बजट से पहले मीडिया रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों के बीच यह चर्चा तेज है कि सरकार पीएम-किसान की राशि बढ़ा सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सालाना ₹6,000 की इस आर्थिक सहायता को बढ़ाकर ₹8,000, ₹10,000 या सीधे ₹12,000 प्रति वर्ष किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो किसानों को मिलने वाली ₹2,000 की हर चार महीने की किस्त बढ़कर ₹3,000 या ₹4,000 हो जाएगी।
दिसंबर 2024 में एक संसदीय स्थायी समिति ने प्रस्ताव दिया था कि किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए सम्मान निधि को दोगुना किया जाए। इस प्रस्ताव का आधार खेती के लिए खाद, बीज और डीजल की बढ़ती कीमतों को बताया गया था ताकि छोटे किसानों को कर्ज से बचाया जा सके। हालांकि दिसंबर 2025 में संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कृषि राज्य मंत्री ने कहा था कि फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
किसानों का तर्क है कि 2019 में जब यह योजना शुरू हुई थी, तब से अब तक कृषि इनपुट की लागत काफी बढ़ चुकी है। खेती में लगने वाले श्रम, उर्वरक और कीटनाशकों की कीमतों में उछाल आने के कारण ₹6,000 की राशि अब पर्याप्त नहीं लगती। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए भी किसानों के हाथ में अधिक नकदी पहुंचाना सरकार के लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।
पीएम-किसान योजना के लिए पिछले बजट 2025-26 में लगभग ₹63,500 करोड़ का प्रावधान किया गया था, जो पिछले दो वर्षों से लगभग स्थिर बना हुआ है। अगर सरकार सम्मान निधि की राशि बढ़ाती है, तो बजट आवंटन में भारी बढ़ोतरी करनी होगी जो राजकोषीय घाटे पर दबाव डाल सकती है। सरकार को यह तय करना होगा कि वह सीधे नकद हस्तांतरण बढ़ाए या कृषि अवसंरचना (Infrastructure) और सिंचाई परियोजनाओं पर अधिक खर्च करे।
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किसानों की नजरें अब 1 फरवरी 2026 पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री अपना पिटारा खोलेंगी और ग्रामीण भारत के लिए नई घोषणाएं करेंगी। 19वीं किस्त 24 फरवरी 2025 को जारी की गई थी और अब 22वीं किस्त से पहले बजट में होने वाली घोषणा किसानों का भविष्य तय करेगी। क्या सरकार वाकई नकद राशि बढ़ाएगी या किसी अन्य सब्सिडी के जरिए किसानों को राहत देगी, यह बजट भाषण के बाद ही स्पष्ट होगा।






