

Pune Municipal Election 2026: पुणे नगर निगम चुनाव को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों को एक साथ लाने की कोशिश शुक्रवार को नाकाम हो गई। अजित पवार और उनके चाचा शरद पवार के बीच साथ मिलकर चुनाव लड़ने को लेकर हुई बैठक में सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार दोपहर पुणे में हुई इस अहम बैठक में बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अजित पवार गुट ने शरद पवार गुट को केवल 35 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था, वह भी ‘घड़ी’ चुनाव चिह्न पर। शरद पवार गुट ने इस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, जिसके बाद बैठक समाप्त हो गई और शरद पवार वहां से उठकर चले गए।
एनसीपी के भीतर एकजुटता की यह कोशिश टूटने के बाद शरद पवार ने एक बार फिर महाविकास आघाड़ी (MVA) का रुख किया है। इसके तहत उन्होंने उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के साथ सीटों के बंटवारे को लेकर तेज बातचीत शुरू कर दी है। पुणे के एक होटल में हुई एमवीए की बैठक में शरद पवार गुट की ओर से बापूसाहेब पठारे और अंकुश काकड़े, कांग्रेस की ओर से अरविंद शिंदे और रमेश बागवे, जबकि शिवसेना (यूबीटी) की ओर से वसंत मोरे शामिल हुए।
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ महायुति में भी सीटों के बंटवारे को लेकर असमंजस बना हुआ है। शिवसेना और बीजेपी के बीच 17 सीटों को लेकर बने गतिरोध को सुलझाने के लिए शुक्रवार रात एक अहम बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई चर्चा में 210 सीटों पर सहमति बन चुकी है।
इस बीच, मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आने के बीच एनसीपी (शरद पवार) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने शुक्रवार को उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। बांद्रा स्थित ‘मातोश्री’ में हुई यह बैठक करीब दो घंटे तक चली, जिसमें संभावित गठबंधन पर चर्चा की गई।
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब दो दिन पहले ही उद्धव ठाकरे और उनके चचेरे भाई, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने 15 जनवरी को होने वाले बीएमसी चुनाव के लिए गठबंधन का ऐलान किया है। पुणे और मुंबई दोनों नगर निकाय चुनावों को लेकर चल रही यह राजनीतिक कवायद आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा तय करने वाली मानी जा रही है।