इंजीनियरिंग परीक्षा के बाद बदले नियम, कल्याण के 3 हजार छात्रों का सेकेंड ईयर एडमिशन अटका

Engineering Exams के बाद अचानक पासिंग नियम बदलने से कल्याण के करीब 3,000 विद्यार्थी दूसरे वर्ष में प्रवेश से वंचित रह गए। छात्रों ने समस्या के समाधान के लिए मुंबई विश्वविद्यालय से मदद की मांग की है ।
Engineering Students
इंजीनियरिंग छात्र (सौ. एआई जनरेटेड )
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Mumbai University Rule Change For Engineering Students: इंजीनियरिंग परीक्षा देने के बाद अचानक नियम बदल दिए जाने से कल्याण के लगभग तीन हजार विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य संकट में पड़ गया है।

नए पासिंग नियम लागू होने के कारण इन छात्रों को दूसरे वर्ष में प्रवेश नहीं मिल पाया है, जिससे वे असमंजस और तनाव की स्थिति में हैं। प्रभावित विद्यार्थियों ने बुधवार को मुंबई विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य अल्पेश भोईर से मुलाकात कर समस्या के समाधान की मांग की।

परीक्षा के बाद लागू हुआ नया पासिंग सिस्टम

छात्रों के अनुसार उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत 26 मई 2025 को इंजीनियरिंग की परीक्षा दी थी। लेकिन परीक्षा के मात्र दो दिन बाद, 28 मई को विश्वविद्यालय प्रशासन ने पासिंग नियमों में बदलाव कर दिया। पहले लागू “पांच प्लस तीन” नियम को हटाकर क्रेडिट स्कोर प्रणाली लागू कर दी गई, जिससे कई छात्रों के परिणाम प्रभावित हुए और वे पात्रता मानदंड पूरा नहीं कर सके।

तैयारी का मौका नहीं मिलने का आरोप

विद्यार्थियों का कहना है कि नियमों में बदलाव की जानकारी परीक्षा के बाद दी गई, जिससे उन्हें नई प्रणाली के अनुसार तैयारी करने का अवसर ही नहीं मिला। छात्र शाश्वत लोखंडे ने बताया कि अचानक हुए इस बदलाव से सैकड़ों विद्यार्थियों का रिजल्ट प्रभावित हुआ और वे दूसरे वर्ष में प्रवेश से वंचित रह गए।

सितंबर से समाधान की मांग, अब तक नहीं निकला रास्ता

प्रभावित छात्र पिछले कई महीनों से प्रवेश के लिए प्रयास कर रहे हैं। उनका कहना है कि सितंबर से लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है। छात्रों ने मांग की है कि उनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था या राहत दी जाए, ताकि वे अपनी पढ़ाई बिना बाधा जारी रख सकें।

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