महाराष्ट्र में भी लागू होगी 'भावांतर योजना'? अशोक चव्हाण ने राज्यसभा में उठाई मांग, किसानों को मिलेगा फायदा

Bhavantar Yojana: राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण ने महाराष्ट्र के किसानों के लिए मध्य प्रदेश की तर्ज पर 'भावांतर योजना' लागू करने की मांग की है, ताकि गिरते बाजार भाव से उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
Ashok Chavan Rajya Sabha Speech
अशोक चव्हाण (सोर्स: सोाशल मीडिया)
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Ashok Chavan Rajya Sabha Speech: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान राज्यसभा सांसद अशोक चव्हाण ने देश के अन्नदाताओं के हित में एक बड़ा कदम उठाने की वकालत की है। केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में बोलते हुए चव्हाण ने महाराष्ट्र में भी मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध 'भावांतर भुगतान योजना' को लागू करने की पुरजोर मांग की।

क्या है भावांतर योजना और क्यों है इसकी जरूरत?

अशोक चव्हाण ने सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए इस क्रांतिकारी योजना की शुरुआत की थी। अक्सर प्राकृतिक आपदाओं या बाजार की अस्थिरता के कारण कृषि उपजों के दाम अचानक गिर जाते हैं, जिससे किसानों को भारी घाटा सहना पड़ता है।

इस योजना की विशेषता यह है कि यदि बाजार में किसी फसल की कीमत उसके 'न्यूनतम समर्थन मूल्य' (MSP) से कम हो जाती है, तो सरकार MSP और बाजार भाव के बीच के अंतर (भावांतर) का भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में करती है। चव्हाण ने जोर देकर कहा कि महाराष्ट्र के किसानों को बिचौलियों और बाजार के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए इस योजना को राज्य के साथ-साथ पूरे देश में लागू करना समय की मांग है।

रेलवे परियोजनाओं पर जताया भरोसा

किसानों के मुद्दे के साथ-साथ अशोक चव्हाण ने परिवहन क्षेत्र, विशेषकर रेलवे के विकास पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस वर्ष के केंद्रीय बजट को महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे के लिए 'अभूतपूर्व' करार दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि देश में हाई-स्पीड रेलवे परियोजनाओं का आना वैश्विक मानकों की ओर एक बड़ा कदम है।

मराठवाड़ा और विदर्भ की रेल कनेक्टिविटी पर जोर

सांसद चव्हाण ने सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से मांग की कि विदर्भ और मराठवाड़ा को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण वर्धा-यवतमाल-नांदेड़ रेल परियोजना के कार्य में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त निधि आवंटित कर इसे समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिल सके। उन्होंने मराठवाड़ा क्षेत्र की अन्य लंबित रेल मांगों को भी मजबूती से पटल पर रखा।

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