पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बढ़ा खतरा, टोल बचाने के लिए उल्टी दिशा में दौड़ रहे वाहन
Pune Expressway: पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर सोमाटणे टोल बचाने के लिए चालकों द्वारा 'नो-एंट्री' से उल्टी दिशा में वाहन ले जाने और बिना नंबर प्लेट के दौड़ते टिप्परों से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
- Written By: रूपम सिंह
पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे टोल (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Mumbai Expressway Somatane Toll Plaza News: यशवंतराव चव्हाण पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे पर उसें टोल नाका स्थानांतरित होने के बाद से मावल तहसील के उसें और सोमाटणे एग्जिट लेन से विपरीत दिशा में वाहनों के घुसने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। सोमाटणे टोल नाके का टैक्स बचाने के लिए कई चालक इस अवैध शॉर्टकट का उपयोग कर रहे हैं। अब भारी टिप्परों ने भी इसी मार्ग से उल्टी दिशा में प्रवेश करना शुरू कर दिया है।
मावल क्षेत्र से पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ जाने वाले वाहन चालक किवले, मामुर्डी और रावेत की तरफ जाने के लिए नो-एंट्री का सहारा ले रहे हैं, जिससे हाईवे पर भीषण दुर्घटना का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
इस जानलेवा लापरवाही को लेकर आईआरबी सोमाटणे टोल प्लाजा के प्रबंधन और महामार्ग पुलिस के अधिकारियों ने अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले इन वाहनों की वजह से एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले आम नागरिकों की जान हमेशा खतरे में बनी रहती है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हाईव के सुरक्षा नियमों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी वाहन चालक को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।
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सड़कों पर उड़ती धूल और बिना ढकी निर्माण सामग्री की समस्या
मावल के मंगरुल और आंबले से गिट्टी व क्रश सैंड लेकर पिंपरी-चिंचवड़, रावेत और ताथवडे जाने वाले अधिकांश टिप्पर ओवरलोड होते हैं। इन पर तिरपाल न होने से सड़कों पर निर्माण सामग्री गिरती है और धूल उड़ती है। इससे दोपहिया वाहन चालकों की आंखों में कचरा जाता है और एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाएं हो रही हैं।
सीसीटीवी कैमरों से वाहन की पहचान करना असंभव
अधिकाश टिप्परों पर या तो नंबर प्लेट नहीं होती या उन्हें जानबूझकर काले रंग से ढक दिया जाता है। नंबर प्लेट धुंधली या छिपी होने के कारण सीसीटीवी कैमरों से वाहन की पहचान करना असंभव हो जाता है। यही वजह है कि दुर्घटना या नियम उल्लंघन के बाद पुलिस और प्रशासन को वाहन मालिकों पर कानूनी मामला दर्ज करने और जुर्माना लगाने में भारी कठिनाई हो रही है।
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सख्त कार्रवाई की आवश्यकता
एक्सप्रेसवे के नागरिक और जिम्मेदार चालक अब प्रशासन से गुहार लगा रहे है। आम जनता की मांग है कि महामार्ग पुलिस, तलेगाव दाभाडे यातायात विभाग और आईआरबी कंपनी मिलकर संयुक्त विशेष अभियान चलाएं।
स्टोन क्रशर मालिकों ने थाने में की शिकायत
कोविड-19 के बाद स्थानीय स्टोन क्रशर मालिकों ने अपने वाहन कम कर दिए हैं, जिससे परिवहन बाहरी ट्रांसपोर्टरों पर निर्भर है। चालकों को तिरपाल ढकने के निर्देश दिए गए, पर वे पालन नहीं करते। इस अनुशासनहीनता के खिलाफ मालिकों ने तलेगाव एमआईडीसी और वडगाव पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
