मुहर्रम के जुलूस में 15,000 लोगों के कत्लेआम की खौफनाक साजिश, कौन है मौत की कैप्सूल बांटने वाला फैयाज प्रेमजी?
Zinc Phosphide Poisoning Case: मुहर्रम जुलूस के दौरान जहर देने की साजिश मामले में पुलिस ने फैयाज प्रेमजी को डोंगरी से दबोचा, कमरे से मिला 15,000 जहरीले कैप्सूल का जखीरा। जानें कौन है ये फैयाज प्रेमजी?
- Written By: गोरक्ष पोफली
आरोपी फैयाज प्रेमजी और बरामद गोलियां (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Muharram Procession Poison Conspiracy: मुंबई के भायखला और जेजे मार्ग इलाके में मुहर्रम के जुलूस के दौरान एक ऐसी भयानक साजिश का खुलासा हुआ है, जो अगर सफल हो जाती तो हजारों लोगों की जान जा सकती थी। एक व्यक्ति नेक काम और इम्युनिटी बूस्टर या विटामिन की गोलियों के नाम पर जुलूस में शामिल लोगों को जहरीले कैप्सूल बांट रहा था। पुलिस की मुस्तैदी और दो सतर्क नागरिकों की वजह से इस बड़े जनसंहार को समय रहते टाल दिया गया।
इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी फैयाज निसार हुसैन प्रेमजी है, जिसे मुंबई पुलिस ने 27 जून 2026 की तड़के रे रोड इलाके से हिरासत में लिया। फैयाज मूल रूप से पुणे के विमान नगर का रहने वाला है और एक BBA ग्रेजुएट है। वह पुणे में ही पेंट और रंग-रोगन का व्यवसाय चलाता है। पुलिस जांच में उसकी विदेश यात्राएं सबसे बड़े संदेह का घेरा बनी हुई हैं। वह 2019 से 2025 के बीच कई बार ईरान और इराक जा चुका है, जिसमें से केवल पिछले एक साल में उसने 19 बार वहां का दौरा किया है। उसकी मां और बहन वर्तमान में ईरान में ही रहती हैं।
15 दिन से चल रही थी तैयारी
पुलिस जांच के अनुसार, यह साजिश पिछले 15 दिनों से बेहद सुनियोजित तरीके से रची जा रही थी। फैयाज ने मुंबई के डोंगरी इलाके में एक कमरा किराए पर लिया था, जिसे उसने अपना बेस बनाया। उसने ऑनलाइन माध्यम से 50 किलो जिंक फॉस्फाइड (चूहे मारने का जहर) और 30,000 खाली कैप्सूल मंगवाए थे। वह खुद एक-एक कैप्सूल में लगभग एक ग्राम जहर भर रहा था।
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15,000 लोगों को मारने का था लक्ष्य
आरोपी ने पूछताछ में कबूल किया है कि उसका मकसद इस धार्मिक आयोजन में 15,000 लोगों की जान लेना था। पुलिस ने उसके डोंगरी स्थित कमरे से 15,000 तैयार जहरीले कैप्सूल और जहर का जखीरा बरामद किया है। उसका लक्ष्य कुल 30,000 कैप्सूल बांटने का था।
कैसे हुआ साजिश का पर्दाफाश?
जुलूस के दौरान सलमान सैयद और अली अब्बास सैयद नामक दो व्यक्तियों ने ये गोलियां खाई। उन्हें बताया गया था कि ये विटामिन की गोलियां हैं, लेकिन खाने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सलमान को यह गोली एक महिला से मिली थी, जिसे खुद फैयाज ने बांटने के लिए दी थी। पीड़ितों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और आरोपी को दबोच लिया।
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कितना घातक है यह जहर?
आरोपी द्वारा इस्तेमाल किया गया जिंक फॉस्फाइड इंसानों के लिए अत्यंत घातक है। पेट में जाने के बाद यह हाइड्रोक्लोरिक एसिड के साथ मिलकर ‘फॉस्फीन गैस’ छोड़ता है, जो शरीर के मुख्य अंगों और कोशिकाओं पर सीधा हमला करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका कोई सीधा एंटीडोट नहीं है और एक ग्राम की मात्रा भी जान लेने के लिए काफी है।
फिलहाल, मुंबई पुलिस, एटीएस और केंद्रीय एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि फैयाज के पीछे किसी आतंकी संगठन या बाहरी हैंडलर्स का हाथ है या नहीं। आरोपी पर हत्या के प्रयास और जहर देने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
