संभाजीनगर बनेगा EV हब! स्टार्टअप्स और MSME के लिए शुरू हुई अत्याधुनिक टेस्टिंग व होमोलोगेशन की मेगा पहल
Sambhajinagar Electric Vehicles: छत्रपति संभाजीनगर में ईवी उद्योग के लिए परीक्षण, वैलिडेशन और होमोलोगेशन सुविधाओं को मजबूत करने की पहल शुरू हुई है, जिससे एमएसएमई और स्टार्टअप्स को बड़ा लाभ मिलेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
इलेक्ट्रिक वाहन, ईवी उद्योग, (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar EV Industry: छत्रपति संभाजीनगर देश में इलेट्रिक वाहन (ईवी) उद्योग के तेजी से विस्तार के बीच छत्रपति संभाजीनगर में अत्याधुनिक परीक्षण, वैलिडेशन और होमोलोगेशन सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। डब्ल्यूआरआई इंडिया, मैजिक, सीएमआईए, मराठवाड़ा ऑटो क्लस्टर और देवगिरी इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर के संयुक्त प्रयास से यह पहल शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र के एमएसएमई, स्टार्टअप्स तथा ऑटोमोबाइल कलपुर्जा निर्माताओं को आधुनिक परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस पहल के तहत छत्रपति संभाजीनगर के इलेट्रिक वाहन उद्योग के लिए आवश्यक परीक्षण, वैलिडेशन और होमोलोगेशन सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा। वाहन निर्माण की पूरी प्रक्रिया में उद्योगों को किन परीक्षण सुविधाओं की आवश्यकता है, वर्तमान आधारभूत ढांचे में क्या कमियां हैं तथा उपलब्ध सुविधाओं के आधुनिकीकरण और नई सुविधाओं की स्थापना की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा।
नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
इस परियोजना के माध्यम से स्थानीय एमएसएमई, स्टार्टअप्स और ऑटोमोबाइल कलपुर्जा निर्माताओं को अपने उत्पादों के परीक्षण के लिए अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होने से उत्पाद विकास का समय घटेगा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर होगी तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करना अधिक आसान हो जाएगा। इससे स्थानीय उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी मजबूत होगी।
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अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संचालित होगी परियोजना
यह पहल ग्लोबल इन्वायरमेंट फैसिलिटी (जीईएफ) के अंतर्गत संचालित की जा रही है। परियोजना का क्रियान्वयन यूनाइटेड नेशंस इन्वायरमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी) के सहयोग तथा नीति आयोग के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
मैजिक के निदेशक आशीष गर्दै ने कहा कि छत्रपति संभाजीनगर जैसे उभरते हुए ईवी विनिर्माण केंद्र के लिए स्थानीय परीक्षण और वैलिडेशन सुविधाएं उद्योग की सबसे बड़ी प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति साबित होंगी।
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इन सुविधाओं से उत्पादकों, आपूर्तिकर्ताओं, एमएसएमई और स्टार्टअप्स की लागत कम होगी, उत्पाद विकास की गति बढ़ेगी तथा नवाचार आधारित उत्पादों को कम समय में बाजार तक पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधाएं निवेशकों का विश्वास भी बढ़ाती हैं और किसी औद्योगिक क्लस्टर को केवल उत्पादन केंद्र से आगे बढ़ाकर नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
