हाईवे पुलिस का टेंशन हाई: नागपुर रेंज में मई तक 304 लोगों ने गंवाई जान, 3 इलाके बने सबसे खतरनाक

Nagpur Highway Road Safety: नागपुर रेंज में हादसों की संख्या घटने के बावजूद मौतों का आंकड़ा चिंताजनक बना हुआ है। मई तक 304 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि डोंगरगांव, जाम व चंद्रपुर सबसे खतरनाक हाईवे है।
Highway Police Concerned: 304 Lives Lost in Nagpur Range by May; 3 Areas Identified as Most Dangerous
सड़क हादसे, हाईवे सेफ्टी पुलिस, नागपुर रेंज,(सोर्स: सौजन्य AI)
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Nagpur Highway Road Accident: नागपुर पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो राष्ट्रीय महामार्ग और राज्य महामार्ग पर दुर्घटनाएं कम जरूर हुई हैं लेकिन हाईवे सेफ्टी पुलिस (एचएसपी) विभाग का टेंशन कम नहीं हुआ है क्योंकि बीते वर्ष की तुलना में इस वर्ष भी मई महीने तक 304 नागरिक हाईवे पर अपनी जान गंवा चुके हैं। महामार्ग पर वाहनों की आवाजाही और एक्सीडेंट पर नियंत्रण लाने का काम हाईवे सेफ्टी पुलिस का है।

भले ही नागपुर रेंज के अधीन 32 महामार्ग और 60 से ज्यादा स्टेट हाईवे आते हों, लेकिन इन सबमें सबसे ज्यादा खतरनाक डोंगरगांव, जाम और चंद्रपुर को माना जा रहा है क्योंकि इन तीनों ही टैप में सबसे ज्यादा जानलेवा हादसे हुए हैं। नागपुर हाईवे पुलिस की रेंज में कुल 11 जिले आते हैं, जिसमें से नागपुर और अमरावती को शहर और ग्रामीण में विभाजित किया गया है। सौंदड़ से बालापुर तक एनएच 53 लगभग 500 किलो मीटर और सबसे लंबा है लेकिन डोंगरगांव से लेकर चंद्रपुर तक होने वाले हादसे बेहद गंभीर हैं। केवल जाम में 88, चंद्रपुर में 82 और डोंगरगांव में 80 मौतें हुई।

घनी आबादी वाले हाईवे पर बढ़ रहा हादसों का खतरा, सुरक्षा उपाय तेज

एसपी हाईवे लोहित मतानी ने बताया कि जिन महामार्गों पर दोनों तरफ घनी आबादी वाले इलाके हैं वहां दुर्घटनाएं ज्यादा हो रही हैं। मसलन जाम से लेकर चंद्रपुर तक का पूरा मार्ग घनी आबादी से घिरा हुआ है। यहां मार्ग के दोनों तरफ छोटे-बड़े गांव है और नागरिकों को हाईवे पर प्रवेश मिल जाता है। अन्य जिलों में भी इस तरह की स्थिति है। महामार्ग पर वाहनों की गति काफी तेज होती है। ऐसे में हादसों का डर ज्यादा है। ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों से सुरक्षा नियमों का पालन करवाना कठिन है, लेकिन हमारा प्रयास है कि विशेष तौर पर दुर्घटना प्रभावित क्षेत्रों में जनजागृति के साथ ही सुरक्षा उपाय योजना भी का जा रही है। जैसे की रंबलर, ब्लिंकर सिग्नल, रेडियम, जेब्रा क्रासिंग और सूचना फलक लगाने का काम किया जा रहा है। इसमें स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया जाएगा।

3 वर्षों में आई भारी गिरावट

पिछले 3 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो नागपुर रेंज में दुर्घटनाओं में भारी गिरावट आ रही है। वर्ष 2023 में 971 नागरिकों ने अपनी जान गंवाई। वहीं वर्ष 2024 में 19.5 प्रश की गिरावट आई। वर्ष 2024 में मरने वालों की संख्या घटकर 771 हो गई। वर्ष 2025 में जानलेवा हादसों में और गिरावट देखी गई।

वर्ष 2024 की तुलना मैं वर्ष 2025 में 14.8 प्रश हादसे कम हुए। बीते वर्ष 657 लोगों की एक्सीडेंट में जान गई। आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2023 से 2025 तक 314 लोगों की जान बची लेकिन जनवरी से मई 2025 और 2026 की तुलना की जाए तो एक्सीडेंट की घटनाओं में मामूली कमी आई है, लेकिन मौतों में कोई गिरावट नहीं हुई, इन दोनों वर्षों में मई महीने तक 304 लोगों ने एक्सीडेंट में जान गंवाई।

HSP नागपुर रेंज में हुए हादसे

वर्ष हादसे मृत्यु
2023 2,307 971
2024 2,420 771
2025 2,338 657

नागपुर ग्रामीण में सबसे ज्यादा मृत्यु

क्रमांक जिला 2024 2025 अंतर (2025-2024)
1 गड़चिरोली 160 153 -7
2 गोंदिया 173 191 +18
3 चंद्रपुर 374 355 -19
4 भंडारा 147 160 +13
5 नागपुर ग्रामीण 436 444 +8
6 नागपुर शहर 345 270 -75
7 वर्धा 187 182 -5
8 यवतमाल 430 433 +3
9 वाशिम 155 201 +46
10 अमरावती ग्रामीण 349 298 -51
11 अमरावती शहर 100 75 -25
12 अकोला 197 186 -11
13 बुलढाणा 410 393 -17
कुल 3,463 3,341 -122

-नवभारत लाइव के लिए नागपुर से अभिषेक तिवारी की रिपोर्ट

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