Mother Friend Minor Rape Pune प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स AI)
Mother Friend Minor Rape Pune: महाराष्ट्र की सांस्कृतिक राजधानी पुणे के वारजे इलाके से एक ऐसी घृणित घटना सामने आई है जिसने विश्वास और रिश्तों की मर्यादा को तार-तार कर दिया है। यहाँ एक 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ उसकी मां के ही एक करीबी दोस्त ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने बच्ची को स्कूल छोड़ने के बहाने अपनी कार में बिठाया और रास्ते में सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ हैवानियत की। पुणे के पॉश माने जाने वाले डीपी रोड (DP Road) इलाके में हुई इस घटना ने महिला सुरक्षा और बच्चों के प्रति बढ़ते अपराधों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां एक विधवा महिला है, जिसकी आरोपी ज्ञानेश्वर रायरिकर (29 वर्ष) से पिछले कई वर्षों से जान-पहचान थी। इसी पारिवारिक भरोसे के कारण मां ने अपनी बेटी को आरोपी के साथ स्कूल भेजने में कोई संकोच नहीं किया। आरोपी ने इसी भरोसे का फायदा उठाया और मासूम बच्ची को अपनी हवस का शिकार बना लिया। घटना के बाद आरोपी ने बच्ची को डराया-धमकाया कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो वह उसे और उसकी मां को जान से मार देगा।
वारदात वाले दिन आरोपी ने बच्ची को डीपी रोड पर कार रोककर प्रताड़ित किया, जिसके कारण वह अपने निर्धारित समय से करीब आधा घंटा देरी से स्कूल पहुँची। शाम को जब बच्ची घर लौटी, तो उसकी मां ने देरी का कारण पूछा। बच्ची के चेहरे पर खौफ और उसकी चुप्पी ने मां के मन में संदेह पैदा कर दिया। जब मां ने उसे विश्वास में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो बच्ची फूट-फूट कर रो पड़ी और उसने ज्ञानेश्वर की काली करतूत बयां कर दी। मां ने बिना समय गंवाए वारजे पुलिस स्टेशन पहुँचकर न्याय की गुहार लगाई।
ये भी पढ़ें- प्रियंका चतुर्वेदी पर सस्पेंस: राज्यसभा में दोबारा उम्मीदवारी पर बोलीं- ‘जनता के लिए काम जारी रहेगा’
वारजे पुलिस ने मां की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मामला दर्ज किया और छापेमारी कर आरोपी ज्ञानेश्वर रायरिकर को धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने उस कार को भी जब्त कर लिया है जिसमें इस अपराध को अंजाम दिया गया था। आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुणे पुलिस अब इस मामले में पुख्ता सबूत जुटाने के लिए डीपी रोड और उसके आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि घटना के समय कार की लोकेशन और बच्ची की मौजूदगी के तकनीकी साक्ष्य कोर्ट में पेश किए जा सकें। इसके अलावा, बच्ची की मेडिकल जांच कराई गई है और फॉरेंसिक टीम कार से नमूने एकत्र कर रही है। वारजे पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द चार्जशीट दाखिल करेंगे ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके।